शेरघाटी : नगर पंचायत शहर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आउटसोर्सिंग करने का विचार कर रही है. सभी बीस वार्डों में शहर के मुहल्लों में सफाई व्यवस्था का भार अभी नगर पंचायत के सफाई कर्मियों पर है.
बताया जाता है कि सभी वार्डों में सफाई के लिए एक-एक सफाई मजदूर की तैनाती के साथ मजदूरों के अलग-अलग समूह मुख्य सड़क गोलाबाजार सड़क व शेरघाटी बस स्टैंड में सफाई का काम करते हैं.
महीने में शहर की सफाई पर करीब पांच लाख रुपये खर्च होता है. इसके बावजूद शहर के कई मुहल्लों में गंदगी की शिकायत रहती है. इधर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शशिभूषण कुमार ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एकमात्र विकल्प आउटसोर्सिंग कंपनी की सेवा लेना है.
उन्होंने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन के तहत घर-घर से कचरा उठाव की योजना शुरू करने के लिए भी आउटसोर्सिंग पर विचार चल रहा है. उन्होंने बताया कि नगर पंचायत में मुख्य पार्षद व उपमुख्य पार्षद के दोबारा निर्वाचन की प्रक्रिया समाप्त हो जाने के बाद अब सफाई और विकास कार्यों को गति देना है.
