मत पूछिए भाई, रात में सोना हो गया मुश्किल

गया : गर्मी और ऊमस भरे मौसम में पूरे दिन काम करनेवाले लोग चाहते हैं कि रात में उन्हें अच्छी नींद आये. यह तभी संभव होगा, जब बिजली होगी. पंखा-कूलर चलेगा. लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है. लोग बहुत दुखी हैं. पुलिस लाइन रोड में रहनेवाले लोगों का कहना है कि बिजली रात में […]

गया : गर्मी और ऊमस भरे मौसम में पूरे दिन काम करनेवाले लोग चाहते हैं कि रात में उन्हें अच्छी नींद आये. यह तभी संभव होगा, जब बिजली होगी. पंखा-कूलर चलेगा. लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है. लोग बहुत दुखी हैं. पुलिस लाइन रोड में रहनेवाले लोगों का कहना है कि बिजली रात में कई बार जाती है.

इस स्थिति में लोग सो नहीं पाते. इसका असर कामकाज पर हो रहा है और तबीयत पर भी. लोगों का कहना है कि सरकार की बिजली व्यवस्था बहुत खराब है. न तो सर्विस है और न मेंटेनेंस. बिजली विभाग के पदाधिकारियों पर तो कोई असर नहीं पड़ रहा है. साथ ही जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी भी इस समस्या पर चुप हैं. जनता परेशान है, तो रहे. किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है.
बिजली की स्थिति हर रोज खराब हो रही है. बेहतर पावर सप्लाइ के लिए लोग तरस रहे हैं. वोल्टेज की स्थिति भी खराब ही है.
विश्वेश कुमार
इस तरह की खराब स्थिति के लिए जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उनकी मौज है. कोई पूछने वाला नहीं है. यहां जनता परेशान है तो रहे.
सूरज सिंह
रात में आदमी सो नहीं पाता है और पूरे दिन कामकाज की व्यस्तता. इस तरह कैसे चलेगा. बिजली विभाग किसी भी स्तर पर गंभीर नहीं है.
गोल्डेन सिंह

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