गया : डीजल का भुगतान लंबित रहने के कारण शहर में निगम की सफाई गाड़ियां नहीं निकल रही थीं. पिछले दो दिनों से कचरे का उठाव नहीं होने से पूरे शहर की सूरत बिगड़ गयी है. जगह-जगह कचरे का अंबार लगा है.
वहीं, रुक-रुक कर हो रही बरसात ने कई इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न कर दी है. हालांकि, तीसरे दिन रविवार से कचरे का उठाव करना शुरू कर दिया गया.
कचरे के ढेर से आ रही दुर्गंध : शहर के बिसार तालाब रोड में कचरे के ढेर से उठ रही बदबू से लोग परेशान हैं. कचरे में बहुतायत में प्लास्टिक के गिलास व थर्मोकोल से बनी थालियाें के अलावा बासी खाना व साग-सब्जियां भी हैं.
केपी रोड में सड़कों पर कीचड़ पसरा है. लोग कचरे के बीच ही फल व सब्जी खरीद रहे हैं. वहीं, कठोकर तालाब में वार्ड 20 के पार्षद धर्मेंद्र कुमार की दुकान के बगल में ही कचरा पसरा है. इसके अलावा कई जगहों पर जल जमाव है.
मेडिकल वेस्ट से भी बढ़ी परेशानी :
मीर अबू सालेह रोड में तो कचरे में मेडिकल वेस्ट फेंका हुआ है, जो इस बरसात के मौसम में कई गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहा है. यहां शहर के कई जाने माने चिकित्सकों के क्लिनिक हैं.
उफन रहा बॉटम नाला : शहर के प्रमुख भूगर्भ नालों में से एक बॉटम नाला उफन रहा है. बारी रोड व दुर्गाबाड़ी में दो से तीन फुट तक नाली का पानी जमा है. स्वराजपुरी रोड में भी जल जमाव है.
उप नगर आयुक्त को मिला वित्तीय प्रभार
नगर विकास एवं अावास विभाग ने उप नगर आयुक्त अजय कुमार को वित्तीय प्रभार सौंपा है. इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है. उप नगर आयुक्त को डीजल मद में वित्तीय प्रभार दिया गया है. गौरतलब है कि शुक्रवार से निगम की सफाई गाड़ियां डीजल की आपूर्ति नहीं होने से बंद हो गयी थीं.
पेट्रोल एजेंसी पर निगम का साढ़े 16 लाख रुपये बकाया का भुगतान नहीं होने के कारण डीजल की आपूर्ति बंद कर दी गयी थी. रविवार को उप नगर आयुक्त अजय कुमार ने एजेंसी से बात की तब जाकर निगम की सफाई गाड़ियां स्टोर से निकलीं. इसके अलावा सभी ड्राइ जोन इलाके में पानी के टैंकर भी भेजे गये.
