न इलाज हुआ, न एंबुलेंस ही मिली, डेढ़ घंटे तक जेपीएन में कराहती रही गर्भवती

गया : राज्य सरकार एक ओर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधारने की बात कर रही है. दूसरी ओर सरकारी अस्पताल में लोगों को सुविधा देने के नाम पर सिर्फ परेशान किया जा रहा है. शहर के जयप्रकाश नारायण अस्पताल में रविवार की दोपहर डेढ़ बजे अपने सास व ससुर के साथ कंडी नवादा की गर्भवती फुलकुश देवी […]

गया : राज्य सरकार एक ओर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधारने की बात कर रही है. दूसरी ओर सरकारी अस्पताल में लोगों को सुविधा देने के नाम पर सिर्फ परेशान किया जा रहा है. शहर के जयप्रकाश नारायण अस्पताल में रविवार की दोपहर डेढ़ बजे अपने सास व ससुर के साथ कंडी नवादा की गर्भवती फुलकुश देवी दर्द से कराहती हुई पहुंचीं. वहां मौजूद नर्स आदि ने कहा कि यहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है. यहां इलाज करना संभव नहीं है.
नर्स ने बताया कि कुछ देर पहले ही डॉक्टर ऑपरेशन कर घर पर आराम करने चली गयीं. इसके बाद पीड़िता के ससुर सुरेश यादव कर्मचारियों से प्राथमिक उपचार करने का आग्रह करते रहे. गिड़गिड़ाते हुए कहा कि दर्द कम होने पर दूसरे जगह पर ले जाकर इलाज करा लेंगे. इसके बाद भी किसी का दिल नहीं पिघला. सुरेश ने वहां मौजूद कर्मचारियों से कहा कि दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस दे दिया जाये.
लेकिन, एंबुलेंस भी नहीं दिया गया. मजबूर होकर अस्पताल गेट के बाहर मरीज को बैठा कर मदद की लोगों से गुहार लगा रहे थे. इतने में एक रिक्शावाले ने दरियादिली दिखायी और मरीज को प्रभावती अस्पताल पहुंचाया, वहां मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया. एक और घटना जेपीएन में हुई नयी गोदाम की रहनेवाली गर्भवती महिला संगीता भी बुखार से तपते अस्पताल में पहुंची. उसे भी डॉक्टर नहीं होने की बात कह कर लौटा दिया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >