टनकुप्पा : ढीबर पंचायत के सरकारी भवन को पोवा गांव के कुछ लोगों द्वारा तोड़ने के विरोध में गुरुवार को ढीबर पंचायत के आक्रोशित लोगों ने गया-रजौली सड़क को एक घंटे तक जाम कर दिया.
जाम की सूचना मिलते ही टनकुप्पा बीडीओ आलोक कुमार व फतेहपुर थाने की पुलिस ने पहुंच कर ग्रामीणों को सरकारी भवन तोड़ने में शामिल लोगो को चिह्नित कर मुकदमा करने सहित अन्य कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया. इसके बाद सड़क जाम हटाया गया. ढीबर गांव निवासी सह सरपंच पति विशुन पासवान, मुखिया बेबी कुमारी ने बताया कि पोवा गांव के कुछ लोगोंं द्वारा गुरुवार को 12 बजे दिन में पंचायत भवन में तोड़-फोड़ की गयी है.
भवन तोड़ने की जानकारी पाकर पंचायत के सौ से अधिक लोग सरकारी भवन के पास जुट गये. तब तक भवन को तोड़ने वाले लोग भागने में सफल रहे. ग्रामीणों द्वारा तत्काल प्रशासन को जानकारी दी गयी. इससे पहले आक्रोशित ग्रामीणों ने भवन तोड़ने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किये जाने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया. ग्रामीणों ने सड़क को एक घंटे तक जाम रखा. मौके पर पहुंचे बीडीओ ने आक्रोशित ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों को समझाते हुए दोषी के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया, तब जाकर सड़क जाम हटाया गया.
विशुन पासवान ने बताया कि उक्त सरकारी भवन का निर्माण 40 साल पहले पूर्व मुखिया रामचंद्र यादव के द्वारा कराया गया था. पहले इस भवन में यूनाइटेड बैंक का संचालन होता था. भवन की दीवार तोड़ कर चोर द्वारा बैंक में चोरी करने के प्रयास के बाद बैंक को ढीबर अंदर गांव में किराये के मकान में संचालित किया जाने लगा.
इसके बाद भवन में पंचायत कार्यालय कार्य करने लगा. इस भवन में प्रशासन द्वारा दो मतदान केंद्र 136 और 137 बनाये गये. मतदान केंद्र पर सभी चुनाव में मिशिरचक, सिपाही, निमादोहर गांवों के लोग मतदान करने आते हैं. 26 जनवरी और 15 अगस्त के मौके पर मुखिया द्वारा झंडोत्तोलन किया जाता है. साथ ही पंचायत व ग्राम कचहरी की बैठक इसी भवन में की जाती है. वर्तमान में जर्जर भवन की मरम्मत 13वीं वित्त की राशि से पंचायत द्वारा करायी जा रही है.
बीडीओ आलोक कुमार ने बताया कि मामले की तहकीकात के बाद भवन तोड़ने वाले कौन-कौन व्यक्ति दोषी हैं, विभाग लोगों को चिह्नित कर थाने में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य कई मामले दर्ज कराये जायेंगे.
