गया : शहर में जगह-जगह चापाकल व प्याऊ के साथ पाइपलाइन भी बिछायी गयी है. इसके बाद भी गेवाल बिगहा बरतर मुहल्ले के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं. वार्ड नंबर 35 के इस मुहल्ले को पहले से ही ड्राइ जोन में रखा गया है. दो वर्ष पहले मुहल्ले में पाइपलाइन का विस्तार कर पानी पहुंचाने की कोशिश की गयी. लेकिन, अब तक लोगों के घरों तक पाइपलाइन से पानी नहीं पहुंच सका है.
लोगों का कहना है कि पाइपलाइन से पानी घरों तक सिर्फ त्योहार में ही दिया जाता है. हर जगह अति आवश्यक बता कर पाइपलाइन का विस्तार किया जा रहा है. यहां पानी की सबसे अधिक किल्लत है. इसके बाद भी निगम के अधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं है. गेवाल बिगहा को पहले से ही ड्राइजोन की श्रेणी में रखा गया है.
यहां कई जगहों पर बोरिंग भी करायी गयी है. लेकिन, सारी तरकीब अब तक फेल ही दिख रही है. दो वर्ष पहले भी पानी को लेकर खूब हल्ला किया गया था. पानी पीएचईडी की प्रयोगशाला में जांच के बाद प्रदूषित होने की बात सामने आयी थी. उसके बाद ही पाइपलाइन का विस्तार किया गया. लेकिन, उसका कोई फायदा यहां के लोगों को नहीं हुआ.
क्या कहती हैं वार्ड पार्षद
निगम में पानी की समस्या को लेकर कई बार आवाज उठायी. वहां सिर्फ एक ही जवाब दिया कि एडीबी की योजना पूरी होने के बाद सब जगह स्थिति सुधर जायेगी. एशियन डेवलपमेंट बैंक के चल रहे काम को देख कर लगता है कि उसे पूरा होने में कई वर्ष लग जायेंगे. तब तक यहां के लोगों की सहनशक्ति ही जवाब दे देगी. ऐसे अन्य वार्डों में अति-आवश्यक बता कर पाइपलाइन बिछा कर पानी पहुंचाया जा रहा है. कई जगहों पर बोरिंग भी की गयी है. लेकिन, यहां के बारे में आवाज उठाने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला गया है.
नजमा खातून, पार्षद, वार्ड नंबर 35
कोई पर्व आता है, तो निगम की पाइपलाइन से पानी पहुंचता है. अन्य दिनों में पानी का इंतजाम दूसरे मुहल्ले से करना पड़ता है. एक घंटा भी पानी दिया जाये, तो सारी समस्या दूर हो जायेगी.
मुस्तरी खातून
पाइपलाइन से पानी अगर कभी आया भी तो गंदा ही रहता है. पानी का उपयोग किसी काम के लिए नहीं लाया जा सकता है. कई बार अधिकारियों से बोला गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.
मोहम्मद तनवीर
