डोभी : 23अगस्त को डोभी के पोखरा पर स्थित एक निजी क्लिनिक के चिकित्सक संजीव कुमार पर स्थानीय एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन कोर्ट में दिये बयान में महिला मुकर गयी. उसने कोर्ट के समक्ष कहा कि उसके साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है. महिला ने पहले गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंच कर कहा कि डोभी थानाध्यक्ष के दबाव में केस दर्ज करायी थी. इधर एसएसपी ने थानाध्यक्ष को बुला कर महिला का बयान कोर्ट में कराने का आदेश दिया.
कोर्ट में महिला ने किसी तरह की बात क्लिनिक में होने से साफ इन्कार कर दिया. कोर्ट में महिला ने कहा कि डोभी थानाध्यक्ष ने डरा धमका कर डॉ संजीव कुमार पर रेप का मुकदमा दर्ज करवाया था. मुझे फंसाने का भय देकर हमारा झूठा बयान थाने में लिया गया. एफआइआर के आवेदन पर हमने दस्तखत नहीं किया है.
इस तरह की साजिश रचने में डोभी के ही एक अन्य डॉक्टर का हाथ है. इस संबंध में थानाध्यक्ष शशिभूषण ने बताया कि डॉ संजीव कुमार पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता कोर्ट में बदल गयी है. कोर्ट में दुष्कर्म होने से साफ इन्कार किया है. इसके बाद इस मामले में जांच के लिए अब कुछ नहीं बचा है. डोभी में इस मामले को लेकर चर्चा हो रही है कि आखिर किस लोभ में महिला ने डॉक्टर को फंसाया और बाद में इससे मुकर गयी.
