गया : मंगलवार को नगर निगम बोर्ड की बैठक के बीच में ही कर्मचारी की पिटाई पर वार्ता करने पहुंचे कर्मचारी यूनियन के नेता नगर आयुक्त से भिड़ गये. इस दौरान यूनियन के नेता अमृत प्रसाद ने नगर आयुक्त के साथ अभद्र व्यवहार किया. यूनियन के नेता ने निगम सभागार में पहुंचते ही कहा कि कर्मचारी के साथ मारपीट हुई है. कई बार कहा गया कि जहां भी कचरा फेंकने को कहा जाता है, वहां चहारदीवारी निर्माण कराया जाये.
सुबह 10 बजे से फोन कर रहे हैं. निगम का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा. इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि वहां कर्मचारी को भेजा गया है. इसके बाद यूनियन के नेता आगबबूला होते हुए कहा कि आप नगर आयुक्त रहने लायक नहीं हैं. इसके साथ और भी कई तरह के असंसदीय भाषा का उपयोग किया.
नगर आयुक्त का दिखा कड़ा तेवर : नगर आयुक्त डॉ ईश्वर चंद्र शर्मा ने भी कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कर्मचारी यूनियन नेता को कहा कि आप बैठक से बाहर जायें. यूनियन नेता के असंसदीय भाषा का उपयोग करने पर वहां मौजूद पार्षद भड़क गये. पार्षद के भड़कते ही यूनियन के नेता ने एक पार्षद को इतना तक कह दिया कि हमारे चलते ही पार्षद का चुनाव जीते हैं. यूनियन नेता के व्यवहार को देख कर वहां मौजूद सभी पार्षद बैठक का बहिष्कार कर जाने लगे.
बाद में डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने हस्तक्षेप करते हुए यूनियन के नेता को एक कमरे में ले जाकर बात की. बाद में यूनियन के नेता ने बाहर निकल कर कहा कि वे अपने व्यवहार पर खेद प्रकट करते हैं. लेकिन, बैठक में यह चर्चा होती रही कि पूरी तौर से यूनियन के नेता व कर्मचारी हड़ताल की धमकी देकर अपनी बात मनवाने के लिए निगम प्रशासन पर हर वक्त दबाव बनाते हैं.
चंदौती थाने को भेजा गया पत्र : नगर आयुक्त ने कर्मचारी के साथ मारपीट मामले में केस दर्ज करने के लिए चंदौती थाने को पत्र भेजा है. एेसे यह देखा जाये, तो कोई नया मामला नहीं है. निगम में अब तक कचरा प्रबंधन का काम किसी जगह पर शुरू नहीं किया गया है. इतना ही नहीं, सड़क किनारे शहर में कई जगहों पर निगम कर्मचारी मनमाने ढंग से कचरा फेंकते हैं.
इसके कारण कई जगह पर लोगों को रहना मुश्किल हो गया है. मानपुर इलाके में सलेमपुर बाइपास, मेहता पेट्रोल पंप के पास, अलीपुर पुल के पास, गया में कटारी, नैली, माड़नपुर बाइपास, डेल्हा पुराना पुल के नीचे किनारे आदि जगहों पर कचरा फेंका जाता है. स्थानीय लोगों के विरोध करने पर कर्मचारी केस करने की धमकी देते हैं. इसके बाद ही विवाद हर समय बढ़ता है. जबकि पिछले कई वर्ष से यहां कचरा प्रबंधन का काम शुरू करने की बात हो रही है. अब तक तैयार की गयी योजना को कार्यरूप नहीं दिया जा सका है.
