गया : अतरी थाना क्षेत्र के सेवतर गांव से परिजन के साथ इलाज करने पहुंचे कौशल कुमार ने जेपीएन अस्पताल के उपाधीक्षक पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. जानकारी के अनुसार, ओपीडी में जेपीएन अस्पताल उपाधीक्षक डॉ चंद्रशेखर प्रसाद मरीज देख रहे थे. इस बीच सेवतर से पहुंचे युवक अपने दो रिश्तेदारों के साथ डॉक्टर के कक्ष में गये. कौशल कुमार के रिश्तेदार सह हम के नवादा जिलाध्यक्ष लव कुमार ने बताया कि कौशल को आवाज में हो रही दिक्कत का इलाज कराना था.
डॉक्टर दो रिश्तेदारों को देखते ही भड़क गये. जब कौशल ने गला से आवाज नहीं निकलने की बात डॉक्टर को बतायी, तो अपशब्द बोलते हुए कहा कि जाओ रूम नंबर 22 में कान की जांच करा कर आओ. इसके बाद जब डॉक्टर को बताना चाहा कि कान का नहीं गले का इलाज कराना है. लेकिन, डॉक्टर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए और गार्ड व कोतवाली थाने की पुलिस को बुलाकर अस्पताल से बाहर करा दिया.
अस्पताल में विवाद के बाद प्राइवेट में डॉ श्रीकांत सिंह के यहां कौशल का इलाज कराया. उन्होंने बताया कि कौशल को इलाज के लिए जेपीएन अस्पताल में बुधवार की रात बेहोशी की हालत में लाया गया था. वहां मौजूद डॉक्टरों ने इलाज किया और कहा कि सुबह में आकर ओपीडी में दिखा लेना. लेकिन ओपीडी में जाने पर किशोर के साथ ऐसा बर्ताव किया गया. कोतवाली थानाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी.
परिजनों ने की गाली-गलौज
जेपीएन अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ चंद्रशेखर प्रसाद ने कहा कि गुरुवार को ओपीडी में इलाज के दौरान कौशल कुमार के परिजनों ने उनके साथ गाली-गलौज की. मना करने पर काफी तैश में आकर समझा देने की बात कही. इस संबंध में कोतवाली थाने में शिकायत की गयी है. इसकी सूचना आइएमए के पदाधिकारियों को भी दी गयी है. सूत्र बताते हैं कि इस विवाद के होने के बाद अस्पताल के चिकित्सक ने सिविल सर्जन को फोन किया लेकिन सीएस ने फोन रिसीव नहीं किया. इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने कुछ देर के लिए ओपीडी में काम करना भी बंद कर दिया.
