मनसरवा से नहीं हट सका अतिक्रमण

गया : दो वर्षों के बाद भी प्रशासन द्वारा मनसरवा नाले से अतिक्रमण हटाने का काम पूरा नहीं किया जा सका है. अब तक इस मामले में सिर्फ खानापूर्ति ही की गयी है. बरसात शुरू होते ही अशोक विहार, मयूर विहार, मधुसूदन व पंत नगर कॉलोनी के लोग दहशत में हो जाते हैं. लोगों का […]

गया : दो वर्षों के बाद भी प्रशासन द्वारा मनसरवा नाले से अतिक्रमण हटाने का काम पूरा नहीं किया जा सका है. अब तक इस मामले में सिर्फ खानापूर्ति ही की गयी है. बरसात शुरू होते ही अशोक विहार, मयूर विहार, मधुसूदन व पंत नगर कॉलोनी के लोग दहशत में हो जाते हैं. लोगों का कहना है कि वर्ष 2016 में मनसरवा नाले पर अतिक्रमण के कारण जलजमाव से कई मुहल्ले के लोग एक सप्ताह तक परेशान रहे थे.
लोगों की परेशानी का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां के आला अधिकारियों को नाले को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया था. जिला प्रशासन की ओर से करीब 30 मकानों को नाले में बने होने की बात जांच के बाद कही गयी थी. लेकिन, अतिक्रमण हटाते समय कुछ मकानों को तोड़ कर ही छोड़ दिया गया. पिछले दिनों नगर आयुक्त डॉ ईश्वर चंद्र शर्मा ने मनसरवा नाले का जांच के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा नोटिस देने की बात कही थी. लेकिन, अब तक बात आयी गयी ही दिख रही है. लोगों का कहना है कि इस बार अगर बरसात तेज हुई, तो 2016 वाली स्थिति एक बार फिर देखने को मिल जायेगा.
मधुश्रवा नदी को बना दिया नाला
भू-माफिया के कारण दशकों पहले मधुश्रवा नदी अब मनसरवा नाले के नाम से प्रचारित हो गया है. मधुश्रवा नदी को हर स्तर पर कब्जा करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा गया है. लोगों ने बताया कि मधुश्रवा नदी के जमीन की मालगुजारी रसीद अंचल के अधिकारियों की मिलीभगत से काटी गयी. इस जमीन को रैयती दिखाया गया उसके बाद मनमाने दाम पर जमीन को बेची गयी. पहले मधुश्रवा नदी की चौड़ाई 80-85 फुट बतायी जाती है. तत्काल में महज 10 फुट तो कही इससे भी कम बच गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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