गया : गया आेटीए (ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी) में 13वीं पासिंग आउट परेड(दीक्षांत समाराेह) शनिवार काे हाेगी. इससे पहले शुक्रवार की शाम मल्टी एक्टीविटी डिसप्ले (मैड) हाेगा. इसमें कई सैन्य करतब दिखाये जायेंगे. इन कार्यक्रम में शरीक हाेने बताैर मुख्य अतिथि भारतीय सशस्त्र बलाें के स्टाफ कमेटी के चीफ अॉफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ कमेटी (सीआइएससी) लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ (पीवीएसएम, यूवाइएसएम, एसएम, वीएसएम) आ रहे हैं. यह जानकारी बुधवार काे आेटीए के बाेधिसत्व हॉल में आयाेजित कमांडेंट अवार्ड सेरेमनी में कैडेट्स काे पुरस्कृत किये जाने के बाद पत्रकाराें काे संबाेधित करते हुए आेटीए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल वीएस श्रीनिवास (वीएसएम एवं बार) ने दी.
उन्हाेंने बताया कि इस बार गया आेटीए से 83 कैडेट्स शनिवार काे सैन्य अधिकारी बन कर देश की सेवा के लिए सुपुर्द किये जायेंगे. इनमें 61 टेक्निकल इंट्री स्कीम (टीइएस)-31 के व बाकी 22 स्पेशल कमीशन अफसर (एससीआे)-40 के कैडेट्स हैं. उन्हाेंने बताया कि सात साल पहले 2011 में एएससी सेंटर काे स्थानांतरित कर आेटीए की स्थापना की गयी थी. तब 100 कैडेट्स से ट्रेनिंग शुरू की गयी थी. अब इसकी क्षमता 400 कैडेट्स की है. जब आेटीए का और विस्तार होगा व इसका कैंपस आैर भी संसाधन युक्त हाे जायेगा, तब कैडेट्स की क्षमता बढ़ा कर 750 कर दी जायेगी. कमांडेंट ने बताया कि अब तक आेटीए में एससीआे व टीइएस की ट्रेनिंग दी जा रही है, पर कुछेक वर्षाें में यहां तीसरे कमीशन अधिकारी ‘शॉर्ट सर्विस कमीशन’ (एसएससी) की ट्रेनिंग भी शुरू की जायेगी.
उन्हाेंने बताया कि डिफेंस मिनिस्ट्री बाेर्ड में इसके विस्तार व अत्याधुनिक व संसाधनयुक्त बनाने के लिए ‘की लाेकेशन प्लान’ की मंजूरी के लिए प्रस्ताव पर मुहर लगने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. मंजूरी मिलते ही इसे टॉप क्लास की एकेडमी बनाने पर काम शुरू हाे जायेगा. इसका स्वरूप इंडियन मिलिट्री एकेडमी जैसा बनाने की ड्राफ्टिंग की जा रही है. उन्हाेंने बताया अगले पांच-छह वर्षाें में गया आेटीए विश्व स्तर की आर्मी ट्रेनिंग एकेडमी हाेगी. यहां प्री कमीशन ट्रेनिंग देने की व्यवस्था अब भी बेहतर है. कैडेट्स काे बेहतर फिजिकल, माेरॉल व सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है. उनकी पर्सनालिटी डेवलप करायी जाती है. इनडाेर व आउटडाेर शस्त्र प्रशिक्षण कराया जाता है.
कैडेट्स हुए सम्मानित
13वीं पासिंग आउट परेड का कमांडेंट बैनर क्षेत्रपाल बटालियन काे मिला, जबकि गुरेज कंपनी ने तीन-तीन चैंपियनशिप अवार्ड अपने नाम किये. इनमें इंटर कंपनी एकेडमी चैंपियनशिप, नॉर्दर्न कमांड ट्रॉफी फॉर बेस्ट कंपनी इन सर्विस सब्जेक्ट्स व कुमाऊ एंड नागा रेजिमेंट ट्रॉफी फॉर इंटेरियर इकाेनॉमी चैंपियनशिप अवार्ड अपने नाम किया. टीइएस के फायरिंग में स्वर्ण पदक व शस्त्र प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए शिवांक तिवारी (तिथवाल कंपनी), रजत पदक तिथवाल कंपनी के ही विजय बालाजी एआर व कांस्य पदक कालीधर कंपनी के शिराज थापा काे मिला. फायरिंग में ही एससीआे के रेजांगला कंपनी के विनीर सिंह साेराउत काे रजत पदक व गुरेज कंपनी के नरेंद्र सिंह रावत काे कांस्य पदक मिला. इसके अलावा गुरेज कंपनी के पवर नीलेश आत्माराम काे बेस्ट राइडिंग व मराठा ट्राफी का अवार्ड मिला.
कालीधर कंपनी के रूपेश कुमार अगर काे साउथर्न कमांड का बेस्ट ट्रॉफी, आेवर आॉलराउंड परफॉरमेंस, आेवरअॉल ऑलराउंड परफॉरमेंस इन इस्टर्न कमांड ट्रॉफी व बेस्ट जेंटलमैन कैडेट इन सर्विस सब्जेक्ट अवार्ड, बेस्ट सिगनल ट्राफी अवार्ड, फस्ट इन अॉर्डर अॉफ मेरिट व बेस्ट इन टेक्निकल एबिलिटी लीडरशिप के अवार्ड से नवाजा गया. रिजांगला कंपनी के सिद्धार्थ शर्मा काे बेस्ट स्पाेर्टसमैन, गुरेज कंपनी के थॉकचॉम संजू सिंह काे बेस्ट अॉफ फिजिकल ट्रेनिंग का, गुरेज कंपनी के अभिजीत चंदा काे बेस्ट एकेडमिक कमांडेंट मेडल, रिजांगला कंपनी के कल्विन लेस्टर नाजरेथ काे बेस्ट ड्रिल के अवार्ड से नवाजा गया.
