गंडक नदी खतरे के निशान के ऊपर, निचले इलाकों में फैला बाढ़ का पानी

गंडक नदी गोपालगंज जिले के डुमरियाघाट में खतरे के निशान से करीब 64 सेंमी ऊपर बह रही है. इससे तटबंधों पर दबाव बना हुआ है. हालांकि इसमें कमी का रुख है. लेकिन, कटाव शुरू हो गया है.

पटना/गोपालगंज. गंडक नदी गोपालगंज जिले के डुमरियाघाट में खतरे के निशान से करीब 64 सेंमी ऊपर बह रही है. इससे तटबंधों पर दबाव बना हुआ है. हालांकि इसमें कमी का रुख है. लेकिन, कटाव शुरू हो गया है.

गोपालगंज सदर प्रखंड, मांझा, बरौली, सिधवलिया, बैकुंठपुर प्रखंड के लगभग 42 गांवों में से 50 हजार लोग बाढ़ की पानी से घिरे हुए थे. 20 से अधिक गांवों से पानी निकल गया है. इधर, कोसी और गंगा नदियों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. इसके साथ ही पुनपुन, घाघरा, बूढ़ी गंडक और सोन नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी का रुख है.

नदियों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित है. जल संसाधन विभाग ने अपने सभी बांधों को सुरक्षित होने का दावा किया है. साथ ही विभाग के इंजीनियर और पदाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कोसी नदी का जल स्तर सुपौल जिले के बसुआ में खतरे के निशान से करीब 75 सेंमी नीचे था. वहीं खगड़िया जिले के बलतारा में यह 67 सेंमी नीचे था. गंगा नदी का जल स्तर दीघा घाट पर खतरे के निशान से 2.69 मीटर और गांधी घाट पर 1.44 मीटर नीचे था.

हाथीदह में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब 97 सेंमी नीचे बह रही थी. वहीं पुनपुन नदी का जल स्तर पटना के श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 91 सेंमी नीचे था. गंगा में जल स्तर बढ़ने से मुंगेर के दियारे इलाके में पानी घुस गया है, जिससे फसल बर्बाद हो गयी है

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat Khabar News Desk

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