Ford Hospital: नूरसराय(नालंदा): खेलकूद के दौरान घुटने में गंभीर चोट लगने से परेशान 18 साल के युवक को फोर्ड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में सफल सर्जरी के बाद राहत मिली है. नालंदा जिले के नूरसराय निवासी युवक के दाहिने घुटने का एसीएल (एंटीरियर क्रूसेट लिगामेंट) रिकंस्ट्रक्शन किया गया. फोर्ड हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. विनीत विवेक, डॉ. राजा अनुराग और डॉ. राजीव कुमार की टीम ने सर्जरी की. 2 घंटे चली इस सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है. इलाज के बाद 2-3 दिन में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया.
परिजनों ने बताया कि बट्टा खेल के दौरान युवक का दाहिना पैर बुरी तरह चोटिल हो गया था. इसके बाद उसे चलने-फिरने में लगातार परेशानी होने लगी. घुटने में अस्थिरता के कारण दोनों पैरों के बीच संतुलन नहीं बन पा रहा था और सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं. एमआरआई और अन्य परीक्षणों में दाहिने घुटने का एसीएल ( एंटीरियर क्रुसेट लिगामेंट) क्षतिग्रस्त पाया गया.
फोर्ड हॉस्पिटल के निदेशक एवं हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि एसीएल की चोट खिलाड़ियों और युवाओं में आम है, लेकिन समय पर सही जांच और उपचार नहीं होने पर यह लंबे समय तक चलने-फिरने में परेशानी और घुटने की अस्थिरता का कारण बन सकती है. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से की गई एसीएल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी के बाद मरीज सामान्य जीवन और खेल गतिविधियों में वापस लौट सकता है. फिलहाल मरीज की फिजियोथेरेपी चल रही है.
