Ford Hospital: नालंदा जिले के अंदौली, बाघाबीघा निवासी चंदन कुमार (बदला हुआ नाम) का फोर्ड हॉस्पिटल में अत्याधुनिक तकनीक से सफल पेसमेकर इंप्लांट किया गया. 22 साल का मरीज बार-बार बेहोश हो रहा था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया. जांच में मरीज को कम्प्लीट हार्ट ब्लॉकेज होने की पुष्टि हुई. इसके बाद वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बीबी भारती और डॉ. सुशांत पाठक की टीम ने कंडक्शन सिस्टम पेसिंग (लेफ्ट बंडल ब्रांच एरिया पेसिंग) के साथ बैक मेन बंडल पेसिंग की प्रक्रिया सफलतापूर्वक की. मरीज स्वस्थ है और उसे डिस्चार्ज भी कर दिया गया है.
डॉ. सुशांत पाठक ने बताया कि इस तकनीक में दिल के सामान्य कंडक्शन सिस्टम की डुप्लीकेट रेप्लिका तैयार की जाती है, जिससे हृदय की धड़कन प्राकृतिक तरीके से संचालित होती रहती है. उन्होंने कहा कि सामान्य पेसमेकर लगाने पर भविष्य में मरीज को सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती थी, लेकिन इस आधुनिक तकनीक से उस जोखिम को काफी हद तक कम किया गया है.
फोर्ड हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. बी बी भारती ने कहा कि अस्पताल में हृदय रोगों के इलाज के लिए आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि इस तरह की जटिल प्रक्रियाएं अब बिहार में भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम पड़ रही है.
