वर्दी का धौंस दिखाकर लोगों से करते थे उगाही, सीसीटीवी के आधार पर दबोचे गए फर्जी सिपाही

Fake Cop: बिहार के नालंदा में पुलिस की वर्दी का धौंस दिखाकर लोगों से उगाही करने वाले दो फर्जी सिपाहियों को बिहार पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया है. सदर डीएसपी नुरुल हक ने बताया कि दोनों धोखेबाज अपराधी हैं, इनके विरुद्ध में पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस उनका आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है.

Fake Cop: बिहार के नालंदा में पुलिस की वर्दी का धौंस दिखाकर लोगों से उगाही करने वाले दो फर्जी सिपाहियों को बिहार पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार फर्जी सिपाहियों की पहचान शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र के माऊर गांव निवासी कुंवर यादव के पुत्र पप्पू कुमार और जमुई जिले के खगड़पुर निवासी सूर्यनारायण यादव के पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है.

सदर डीएसपी नुरुल हक ने बताया कि दोनों धोखेबाज अपराधी हैं, इनके विरुद्ध में पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस उनका आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है.

खाकी वर्दी सहित ये चीजें बरामद

पुलिस ने बताया कि ये दोनों अपराधी किराए के कमरे में रहा करते थे. इनदोनों के कमरे से खाकी वर्दी, बेल्ट, लाठी, बिहार पुलिस की बैज लगी ब्लू टोपी, खाकी रंग की जैकेट, एसडीपीओ सदर के नाम की फाइल और पुलिस लिखा बाइक सहित कई अन्य चीजें भी बरामद किया गया है.

कैसे खुला फर्जी सिपाहियों का भेद

डीएसपी ने बताया कि 18 जून को कृष्ण कुमार की पत्नी तनु सिंह ने बिहार थाना में चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दी थी. इसके बाद उनके घर 26 जून को खुद को बिहार थाने का सिपाही बताकर दो लोग आए और कहा कि उन्होंने प्राथमिकी के आवेदन देकर गलती कर दी है.

सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान

दोनों शातिरों ने उन्हें धमकी भरे अंदाज में जो प्राथमिकी के लिए थाने में आवेदन दी थी उसे वापस लेने को कहा. इस तरह की शिकायत पर डीएसपी को संदेह हुआ. उन्होंने शिकायतकर्ता महिला के घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए तो पता चला कि उनके घर पहुंचे दोनों सिपाही बिहार पुलिस के हैं ही नहीं. वे फ्रॉड हैं.

छापेमारी के चौथे दिन पकड़े गए दोनों अपराधी

निकाले गए फुटेज के आधार पर पुलिस की विशेष टीम उनकी तलाश करने लगी. चौथे दिन विशेष टीम को सफलता मिल गई. उन दोनों फर्जी सिपाहियों को बिहार थाना क्षेत्र के ही गढ़पर मोहल्ला में किराये के घर से गिरफ्तार कर लिया गया.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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