अब घर बैठे पढ़ सकेंगे बिहार म्यूजियम के पुस्तकालय की 2500 किताबें, जल्द शुरू होगी ई-लाइब्रेरी

बिहार संग्रहालय के स्टडी सेंटर में 30 लोगों के बैठने की सुविधा है. यहां बैठकर पढ़ने के लिए मेंबरशिप कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी है. म्यूजियम की ओर से इ-लाइब्रेरी के तहत यूजी, पीजी और एमफिल के विद्यार्थियों के लिए मेंबरशिप कार्ड की सुविधा दी गयी है.

बिहार म्यूजियम में बने स्टडी सेंटर (लाइब्रेरी) में मौजूद किताबों को स्टूडेंट्स और रिसर्च स्कॉलर्स जल्द ही ऑनलाइन पढ़ सकेंगे. यहां के स्टडी सेंटर में किताबों के ऑटोमेशन को लेकर काम जारी है. यह कार्य दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. जिसके बाद दिसंबर या फिर अगले वर्ष जनवरी में इसकी शुरुआत हो सकती है. ई- लाइब्रेरी की सुविधा का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास स्टडी सेंटर का मेंबरशिप कार्ड होगा. इस लाइब्रेरी में विभिन्न विषयों से जुड़ी करीब 2500 किताबें उपलब्ध है.

स्टडी सेंटर में बैठ सकेंगे 30 लोग

स्टडी सेंटर में 30 लोगों के बैठने की सुविधा है. यहां बैठकर पढ़ने के लिए मेंबरशिप कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी है. म्यूजियम की ओर से इ-लाइब्रेरी के तहत यूजी, पीजी और एमफिल के विद्यार्थियों के लिए मेंबरशिप कार्ड की सुविधा दी गयी है. एक साल के लिए लाइब्रेरी की मेंबरशिप लेने के लिए 200 से 500 रुपये तक लिए जा रहे हैं. यूजी और पीजी के विद्यार्थियों से मेंबरशिप कार्ड बनाने के लिए 200 रुपये, रिसर्च स्कॉलर्स के लिए 300 रुपये और जेनरल केटेगरी के लिए 500 रुपये सालाना चार्ज हैं. मेंबरशिप कार्ड बनने के बाद आप यहां पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं.

जल्द पूरा होगा किताबों को इ-लाइब्रेरी से जोड़ने का कार्य

इस संबंध में संग्रहालय के एडिशनल डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि स्टडी सेंटर की किताबों को इ-लाइब्रेरी से जोड़ने का कार्य जल्द पूरा हो जायेगा. उम्मीद है दिसंबर के आखिर या फिर अगले साल की शुरुआत से मेंबरशिप लेने वाले मेंबर्स को इ-लाइब्रेरी की सुविधा का लाभ मिल सकेगा. इसके बाद मेंबर्स घर बैठे ही इस लाइब्रेरी का लाभ उठा सकेंगे.

स्टडी सेंटर में अभी 87 मेंबर्स हैं

अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि स्टडी सेंटर में 2500 किताबें हैं. जो कला, संस्कृति, आर्कियोलॉजी और रिसर्च सोसाइटी से जुड़ी हुई हैं. अगस्त में शुरू हुए म्यूजियम बिनाले के तहत कई ख्याति प्राप्त कलाकारों की प्रदर्शनी लगायी गयी थी. इनमें 10 से ज्यादा ख्याति प्राप्त कलाकारों से जुड़ी किताबें भी स्टडी सेंटर में आ चुकी हैं. उन्होंने बताया कि सेंटर में पढ़ने वाले पाठकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष पशुपति ने बताया कि वर्तमान में कुल 87 मेंबर्स हैं. साल 2020 में बने इस स्टडी सेंटर का मकसद विजिटर्स को बिहार और भारत की कला, संस्कृति, इतिहास और साहित्य को बढ़ावा देना है.

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संग्रहालय आ कार बनवा सकते हैं मेंबरशीप कार्ड

स्टडी रूम में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ ही हाई स्पीड इंटरनेट व फोटो स्टेट की व्यवस्था भी की गई है. छात्र यहां आकर पढ़ने के लिए मेंबरशीप कार्ड बनवा सकते हैं. साथ ही लाइब्रेरी से प्रकाशित पुस्तकों की खरीदारी भी कर सकते हैं. संग्रहालय के इस स्टडी सेंटर में सुबह 10 बजे से लेकर शाम के साथ बजे तक पढ़ाई की जा सकती है. वहीं ई-लाइब्रेरी शुरू होने के बाद यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध होगी.

2020 में शुरू हुआ था स्टडी सेंटर

बिहार संग्रहालय में आम लोगों की सहूलियत के लिए लाइब्रेरी के तर्ज पर एक स्टडी रूम की शुरुआत जनवरी 2020 में की गयी थी. इसे बिहार म्यूजियम में आने वाले विजिटर्स को बिहार और भारत की कला, संस्कृति और इतिहास से जुड़ी चीजों से अवगत कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. आज यहां पर 2500 से अधिक की संख्या में किताबें रखी गयी हैं.

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मेंबरशिप के लिए यहां करें संपर्क

इच्छुक लोग स्टडी सेंटर के मेंबरशिप एवं अन्य जानकारियों के लिए इस ई- मेल आईडी biharmuseumlib@gmail.com या फिर 0612- 2235732 पर संपर्क कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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