Chirag Paswan On Sanjay Singh: बिहार सरकार के मंत्री और महुआ विधायक संजय सिंह पर महिला से कथित बदसलूकी के आरोपों को लेकर सियासत तेज है. अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि महिला सुरक्षा के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं होगा.
चिराग पासवान ने कहा कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं और संबंधित व्यक्ति दोषी साबित होता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. उसे सिर्फ मंत्री पद से नहीं हटाया जाएगा, बल्कि पार्टी से भी बर्खास्त किया जाएगा.
‘आरोपी परिवार का हो, फिर भी कार्रवाई होगी’
चिराग पासवान ने कहा कि गलत काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं दिया जा सकता. आरोपी चाहे उनके परिवार का सदस्य ही क्यों न हो, अगर उसने किसी महिला के साथ बदतमीजी की है तो मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. जांच के बाद अगर आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई हिचक नहीं होगी.
‘दोषी साबित हुए तो पार्टी से भी बाहर’
केंद्रीय मंत्री ने अपने रुख को और स्पष्ट करते हुए कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को सिर्फ मंत्री पद से हटाना ही पर्याप्त नहीं होगा. मंत्री पद के साथ पार्टी की सदस्यता भी खत्म की जाएगी.
चिराग के इस बयान को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि संजय सिंह बिहार सरकार में मंत्री हैं. ऐसे में उनके बयान से साफ है कि महिला सुरक्षा और पार्टी अनुशासन के मुद्दे पर वह सख्त रुख अपना रहे हैं.
तेज प्रताप के आरोपों से शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल, संजय सिंह को लेकर विवाद तेज प्रताप यादव के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ.
तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि दिल्ली दौरे के दौरान एक बड़े होटल में संजय कुमार सिंह ने एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने महिला के शोषण के प्रयास का भी आरोप लगाया था.
तेज प्रताप ने सरकार और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है. संजय सिंह ने आरोपों को खारिज किया है और इसी मामले में तेज प्रताप यादव को कानूनी नोटिस भी भेजा है.
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संजय सिंह ने तेज प्रताप को भेजा 50 करोड़ का नोटिस
संजय सिंह की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार ने 30 अगस्त को तेज प्रताप यादव को कानूनी नोटिस भेजा था.
नोटिस में सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताया गया है. तेज प्रताप से संबंधित पोस्ट हटाने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और भविष्य में इस तरह के आरोप नहीं लगाने की मांग की गई है. नोटिस में 50 करोड़ रुपये के मानहानि दावे की चेतावनी भी दी गई है.
तेज प्रताप बोले थे- ‘शेर का बेटा हूं, डरने वाला नहीं’
नोटिस और विवाद के बीच तेज प्रताप यादव ने भी पलटवार किया था. उन्होंने कहा था, ‘मैं शेर का बेटा हूं, डरने वाला नहीं.’ तेज प्रताप ने कहा था कि मंत्री हैं तो घर आकर बात करें. उन्होंने यह भी कहा था कि वह सच्चाई सामने लाकर रहेंगे. अब चिराग पासवान के बयान के बाद इस पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है.
आरक्षण के मुद्दे पर भी चिराग ने साफ किया रुख
संजय सिंह मामले के अलावा चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि आरक्षण की समीक्षा नहीं होनी चाहिए. उनके मुताबिक, आरक्षण की समीक्षा से अति पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय हो सकता है.
चिराग ने जीतन राम मांझी और संतोष सुमन पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह सभी जातियों के साथ हैं और आरक्षण के मामले में किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
