मधेपुरा में नवजात बच्चे की मौत से परिजनों में मचा कोहराम, अस्पताल में जमकर काटा बवाल

Madhepura: जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के झखरन प्रतापनगर निवासी एक युवक की पत्नी ने 12 फरवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया था. लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से नवजात की मौत हो गई.

By Prashant Tiwari | February 18, 2025 6:49 PM

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मीरगंज चौक स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में  प्रबंधन के लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई. यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब बच्चे की मौत के बाद  परिजनों ने अस्पताल परिसर और अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा व बवाल काटा. 

जन्म के 5 दिन बाद हुई नवजात की मौत 

मुरलीगंज थाना क्षेत्र के झखरन प्रतापनगर निवासी नीतीश कुमार जो कि कुछ समय से अपने परिवार का भरण पोषण के लिए बिहार से बाहर कहीं दूसरे राज्य में काम करते हैं. नीतीश कुमार की गर्भवती पत्नी ग्राम रहटा निवासी झूलन सहनी की पुत्री रूमवती कुमारी को प्रसव पीड़ा होने के बाद, स्थानीय स्तर पर उपचार करने के बाद ग्राम रहटा निवासी आशा सविता कुमारी ने गर्भवती महिला के परिजनों को मीरगंज स्थित फैमिली केयर नर्सिंग होम में भर्ती करने को कहकर भेज दिया. परिजनों ने गर्भवती महिला को फैमिली केयर नर्सिंग होम मीरगंज में भर्ती करवाया. जहां डॉक्टर मिथिलेश कुमार एवं डॉक्टर एस के यादव शशि की देखरेख में दिनांक 12 फरवरी को ऑपरेशन के द्वारा लड़का हुआ. इसके बाद 17 फरवरी को नवजात की मृत्यु होने की सूचना डॉक्टरों द्वारा परिजनों को दी गई.

मामले को रफा दफा करने में जुटा अस्पताल प्रबंधन 

नवजात के मौत की सूचना पाते हैं परिजनो में कोहराम मच गया. जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में खूब हंगामा किया और पेशेंट के साथ लापरवाही बरतने एवं बच्चे के पहले ही मृत हो जाने की बात कही. साथ ही परिजनों ने यह भी बताया कि अस्पताल प्रबंधक द्वारा लगभग 40 हजार रूपया से ज्यादा की रकम जबरन वसूला गया था. मामले को बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधक द्वारा बात को दबाने के लिए हंगामा कर रहे परिजनों को कुछ पैसे देकर मामले को रफा दफा करने में जुट गए.

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जिलाधिकारी ने दिया कार्रवाई का निर्देश 

वही मामले में संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन डॉ मिथिलेश ठाकुर ने बताया कि मामले में जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का दिशा निर्देश प्राप्त हुआ है. सभी प्रखंड स्तरीय चिकित्सा पदाधिकारी को इस आशय की सूचना दे दिए हैं की कहां-कहां कितने अवैध नर्सिंग होम संचालित हैं. इसकी सूची उपलब्ध कराया जाए. इस मामले में भी दोषियों पर जांचों उपरांत कार्रवाई की जाएगी.

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