पटना. राज्य के निबंधन कार्यालयों को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने को लेकर बुधवार को सरकार की ओर से सख्त कदम उठाये गये. पहला प्रदेश के सभी निबंधन कार्यालयों में तैनात करीब छह सौ डाटा इंट्री ऑपरेटर और मल्टी टास्किंग स्टाफ को हटाने का आदेश जारी किया गया. अब एक नवंबर से इनकी जगह नये डाटा इंट्री ऑपरेटर और मल्टी टास्किंग स्टाफ को तैनात किया जायेगा.
23 अवर निबंधकों का वेतन आगले आदेश तक रोक दिया गया
दूसरा यह कि मंगलवार की सुबह की बैठक से गायब रहने वाले 23 अवर निबंधकों का वेतन आगले आदेश तक रोक दिया गया. मद्य निषेध,उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से यह आदेश जारी किया गया. आदेश के मुताबिक राज्य भर के निबंधन कार्यालयों में तैनात डाटा इंट्री आपरेटर और मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) हटेंगे. इस बाबत सेवा देने वाली संबंधित निजी एजेंसी को आदेश जारी कर दिया गया है.
मानवबल को भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया
आदेश में कहा गया है कि विभिन्न निबंधन कार्यालयों में आपके द्वारा उपलब्ध कराये गये मानवबल को भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया है. इस कारण सभी डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं मल्टी टास्किंग स्टाफ को निबंधन कार्यालयों से हटाये जाने का निर्णय लिया गया है.
नये डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं एमटीएस उपलब्ध कराने का निर्देश
एजेंसी को सभी निबंधन कार्यालयों में कार्यरत डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं एमटीस को जल्द हटाने तथा उनकी जगह एक नवंबर से नये डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं एमटीएस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. एजेंसी को यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी परिस्थति में पूर्व से कार्यरत कर्मियों को फिर से प्रतिनियुक्त न किया जाये.
इनका वेतन किया गया स्थगित
जिला अवर निबंधक : पूर्वी चंपारण, जमुई, मधुबनी, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर.
अवर निबंधक : दाउदनगर, शेरघाटी, बारसोई, ठाकुरगंज, बेनीपट्टी, ढाका, पकड़ीदयाल, रक्सौल, कटरा, बिक्रमगंज, चकाई, मशरख, पुपरी, दरौली, महाराजगंज, महुआ, मनिहारी.
