कमतौल. टेकटार निवासी रामलखन दास के 48 वर्षीय पुत्र मिथिलेश कुमार दास की मौत कुवैत में इलाज के दौरान गत एक जनवरी को हो गयी. इसकी सूचना मिलते ही गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है. पत्नी पुनीता देवी व माता मीना देवी बार-बार बेहोश हो जाती है. स्थानीय महिलाएं उन्हें सांत्वना दिलाने के प्रयास में जुटी हैं. पिता स्तब्ध हैं. लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि बूढ़े पिता को क्या कहकर दिलासा दिया जाय और बच्चों को क्या कह समझाया जाय. लोग कह रहे थे कि हंसते-खेलते परिवार पर अचानक दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की परवरिश अब कैसे होगी, समझ में नहीं आ रहा है. लोग सरकार से शव को जल्द से जल्द गांव मंगवाने के लिए सार्थक पहल करने की अपील की है. बताया जाता है कि मिथिलेश 18 वर्ष से कुवैत में रहकर प्राइवेट नौकरी कर गांव में रहने वाले माता-पिता, पत्नी व चार बच्चों के परिवार का भरण-पोषण करता था. आठ दिसंबर को ड्यूटी जाने के दौरान वह बीमार हो गया. स्थानीय लोगों के सहयोग से उसे अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने ब्रेन हेमरेज होने की बात कही. इसकी जानकारी मिलते ही कुवैत में किसी अन्य जगह कार्य कर रहे भाई रंजीत कुमार दास अस्पताल पहुंचा. भाई का इलाज कराने लगा, परंतु लाख कोशिश के बावजूद भाई को बचा नहीं पाया. एक जनवरी को इलाज के दौरान मिथिलेश की मौत हो गयी. मृतक को चार पुत्र क्रमशः 18 वर्षीय नीरज कुमार, 14 वर्षीय धीरज कुमार, 14 वर्षीय,आदित्य कुमार तथा आठ वर्षीय दिव्यांशु कुमार है.
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