Darbhanga News: विश्वविद्यालय अब नहीं छिपा पायेंगे कई प्रशासनिक पदों पर एक ही प्राध्यापक की नियुक्ति

Darbhanga News:प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू ने सभी कुलपति से पदाधिकारी के पदों पर कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर तथा प्रोफेसर के नामों की सूची मांग ली है.

Darbhanga News: प्रवीण कुमार चौधरी, दरभंगा. लनामिवि एवं कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों ने जब कुलाधिपति के निर्देश के बावजूद एक प्राध्यापक को दिये एक से अधिक प्रशासनिक पदों से नहीं हटाया तो सोमवार को कुलाधिपति के निर्देश पर उनके प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू ने सभी कुलपति से पदाधिकारी के पदों पर कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर तथा प्रोफेसर के नामों की सूची मांग ली है. यह सूची 28 जुलाई तक सचिवालय के इ-मेल ss.gs-bih@nic.in पर निश्चित रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया है. इससे संबंधित जारी पत्र में सभी विवि के कुलपति से कहा गया है कि आपके विश्वविद्यालय में पदाधिकारियों के पद यथा डीन, प्रॉक्टर, सीसीडीसी एवं अन्य पर कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर तथा प्रोफेसर की सूची निर्धारित प्रारूप में भेजें. जारी प्रारूप में विश्वविद्यालय का नाम, पद का नाम, पदाधिकारी का नाम, पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति की तिथि/ पदाधिकारी के पद पर कार्यावधि पूर्ण होने की तिथि, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर रैंक में नियुक्ति /प्रोन्नति की तिथि, सेवानिवृत्ति की तिथि तथा अभियुक्ति का कॉलम है.

11 जुलाई को कुलाधिपति ने जारी किया था निर्देश

कुलाधिपति कार्यालय ने 11 जुलाई को लनामिवि एवं संस्कृत विवि सहित प्रदेश के अन्य सभी विवि के कुलपति को पत्र जारी कर कहा था कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों को एक ही प्रशासनिक पदाधिकारी पद का कार्य सौंपा जाय. विश्वविद्यालयों में एक से अधिक प्रशासनिक पद के कार्यों को निर्धारित करने के लिये एक ही व्यक्ति/पदाधिकारी प्राधिकृत है. एक शिक्षक को एक से अधिक प्रशासनिक पदाधिकारी पद का दायित्व सौंपने से प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब होता है तथा कार्यों की गुणवत्ता में भी कमी आती है. जारी पत्र में यह भी कहा गया था कि इस संबंध में इससे पहले सरकार के शिक्षा विभाग से 24 मार्च 2023 को भी पत्र जारी है. अधिकांश विवि द्वारा इसका अनुपालन नहीं करने पर कुलाधिपति ने इसी मामले में प्रदेश के सभी विवि के कुलपति को निर्देशित किया कि शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अतिरिक्त, एक ही प्रशासनिक पदाधिकारी पद पर कार्यों के लिए प्राधिकृत किया जाय, ताकि वे शिक्षण एवं शोध कार्यों की भी पूरा कर सकें. मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ अनुपालन सुनिश्चित कर सात दिनों के भीतर प्रतिवेदन राज्यपाल सचिवालय को उपलब्ध कराने को कहा गया था. बताया जाता है कि इसका अनुपालन प्रतिवेदन नहीं मिलने पर संज्ञान लेते हुए राजभवन ने दूसरा रास्ता अख्तियार किया.

प्रभात खबर ने आदेश का अनुपालन नहीं होने से संबंधित प्रकाशित किया था खबर

कुलाधिपति के आदेश पर शनिवार तक अमल नहीं होने पर प्रभात खबर ने रविवार के अंक में इस पर विस्तार से खबर प्रकाशित किया था. मिथिला विश्वविद्यालय में 11 प्राध्यापक के जिम्मे 26 पद है. वहीं संस्कृत विश्वविद्यालय में भी कई प्राध्यापकों के जिम्मे एक से अधिक पद है.

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Author: PRABHAT KUMAR

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