Darbhanga News: दरभंगा. डीएमसीएच में टीबी रोग से ग्रस्त मरीजों को अब जांच कराने के लिये इधर- उधर नहीं भटकना पड़ेगा. ओपीडी भवन के कमरा नंबर 24 में सीबी नेट मशीन इंस्टाल किया जायेगा. मशीन को अगले सप्ताह तक स्थापित कर दिया जायेगा. पहले टीबी के मरीजों की स्थिति का पता करने में छह से आठ माह का इंतजार करना पड़ता था. आधुनिक मशीन में जांच सैंपल डालने पर दो घंटे से भी कम समय में परिणाम सामने आ जाएगा. सीबी नेट मशीन टीबी के एक वायरस की भी पहचान कर लेगी. इससे मरीज को इलाज कराने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी.
बारिश के मौसम में होती थी परेशानी
विदित हो कि इसके पूर्व टीबी मरीजों को जांच के लिए सीएस कार्यालय के टीबीडीसी विभाग जाना पड़ता था. बारिश के मौसम में रास्ते पर जलजमाव के कारण मरीज व परिजनों को काफी दिक्कत होती थी. इस समस्या का समाधान भी अब हो जायेगा. टीबीडीसी में दो सीबी नेट मशीन से जांच कार्य किया जा रहा है. अब इसमे से एक मशीन को डीएमसीएच में स्थापित किया जायेगा.
सीबी नेट टेस्ट की खास बातें
इस मशीन से टेस्ट के लिये नाक या गले से स्वैब का सैंपल लिया जाता है. यह टेस्ट टीबी और एमडीआर टीबी की जांच में होता है.टोल फ्री नंबर 1800-116666 पर लें टीबी से संबंधित जानकारी
भारत सरकार ने टीबी से संबंधित जानकारियों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-116666 जारी किया है. इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति मात्र एक कॉल से टीबी बीमारी से संबंधित सभी तरह की जानकारी प्राप्त कर सकता है. विभागीय स्तर पर भी टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है.न्यू सर्जरी भवन में शुरू किया गया टीबी एंड चेस्ट विभाग
दरभंगा. न्यू सर्जरी भवन में मेडिसिन, सर्जरी, फिजियोथेरेपी विभाग के बाद गुरुवार से टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट का ओपीडी शुरू किया गया है. इस विभाग को रेस्पिरेट्री मेडिसिन भी कहते हैं. इस प्रकार नये भवन में अब चार विभागों का संचालन किया जा रहा है. आज विभाग में 40 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
