Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में रविवार को सिंडिकेट की बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित हुई. बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में जलनिकासी, शिक्षकों के वेतन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की प्रस्तावित परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए गए.
नगर निगम के बकाया से जलनिकासी कार्य कराने का सुझाव
बैठक में राज मैदान के पश्चिमी हिस्से में जलजमाव की समस्या दूर करने के लिए नाला निर्माण, जमीन भराई तथा विश्वविद्यालय थाना के पास स्थित तालाब से जलकुंभी हटाने पर चर्चा हुई.
इस दौरान सिंडिकेट सदस्य प्रो. हरि नारायण सिंह ने सुझाव दिया कि नगर निगम पर विश्वविद्यालय का करीब तीन करोड़ रुपये बकाया है. इसलिए उसी राशि से जलनिकासी और अन्य आवश्यक कार्य कराए जाएं. इस प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई.
175 नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन जारी करने का निर्णय
सिंडिकेट ने मानवीय आधार पर 175 नवनियुक्त शिक्षकों का लंबित वेतन जारी करने का निर्णय लिया. इसके लिए शिक्षकों को प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट से सत्यापित शपथ पत्र जमा करना होगा.
साथ ही 60 दिनों के भीतर संबंधित कॉलेजों से निर्धारित प्रारूप में शिक्षण अनुभव प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा. ऐसा नहीं करने पर अगले वेतन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया.
बीपीसीएल परियोजना पर पुनर्विचार का आग्रह
बैठक में डब्ल्यूआईटी छात्रावास के निकट प्रस्तावित भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की परियोजना पर सुरक्षा कारणों से कुलाधिपति से पुनर्विचार का आग्रह करने का निर्णय लिया गया.
इस संबंध में प्रो. हरि नारायण सिंह की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई, जो मामले पर अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करेगी.
डॉ. तनिमा कुमारी को दो वर्ष का अवैतनिक अवकाश
सिंडिकेट ने अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. तनिमा कुमारी को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला की फेलोशिप मिलने पर दो वर्ष का असाधारण अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया.
बैठक में कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हंसदा सहित प्रो. हरि नारायण सिंह, प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, प्रो. धनेश्वर प्रसाद, प्रो. अशोक कुमार मेहता, प्रो. विजय कुमार यादव, प्रो. नारायण झा, डॉ. बैद्यनाथ चौधरी 'बैजू', मीना झा, डॉ. अमर कुमार, सविता वर्मा, डॉ. शिखर वासिनी समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे.
