Biraul News: सुपौल-कोठीपुल-गंडौल-सहरसा मुख्य पथ पर सोमवार को सड़क हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई. सीमावर्ती थाना क्षेत्र के बजरंग चौक के पास अज्ञात पिकअप बाइक को रौंदते हुए फरार हो गई. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव के साथ करीब चार घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया.
मृतक की पहचान बड़गांव थाना क्षेत्र के भुसकोल निवासी 45 वर्षीय महेश सिंह के रूप में हुई है.
वाहन जांच के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार महेश सिंह किसी जरूरी काम से बाइक से सुपौल बाजार जा रहे थे. उसी समय बजरंग चौक के पास डायल-112 पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सहरसा की ओर से आ रही तेज रफ्तार अज्ञात पिकअप का चालक पुलिस को देखकर तेज गति से निकलने लगा और बाइक सवार को कुचलते हुए फरार हो गया. टक्कर इतनी भीषण थी कि महेश सिंह की मौके पर ही मौत हो गई.
डायल-112 पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने शव को ई-रिक्शा पर रखकर बांस-बल्ले के सहारे बिरौल-सुपौल मुख्य मार्ग जाम कर दिया. मृतक के चाचा जगन्नाथ सिंह ने एसडीपीओ से आरोप लगाया कि डायल-112 की वाहन जांच के कारण पिकअप चालक घबरा गया और हादसा हुआ.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद पुलिस ने घायल को टेंपो से अस्पताल भिजवा दिया, लेकिन स्वयं मौके से चली गई. इसी बात को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया.
कार्रवाई और मुआवजे की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोग डायल-112 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के आश्रितों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे. परिजनों का कहना था कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा.
एसडीपीओ के आश्वासन पर समाप्त हुआ जाम
सूचना मिलते ही एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उनके साथ बड़गांव सहित छह थानों की पुलिस, सर्किल इंस्पेक्टर महफूज आलम, घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
एसडीपीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों को आश्वस्त किया कि अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में डायल-112 पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी. साथ ही मुआवजे के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया.
चार घंटे बाद बहाल हुआ आवागमन
काफी समझाने-बुझाने के बाद शाम करीब पांच बजे परिजन जाम हटाने को राजी हुए. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया. करीब चार घंटे तक जाम रहने से मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. जाम समाप्त होने के बाद आवागमन सामान्य हो सका.
