National Handloom Day: बेनीपुर के सझुआर स्थित प्लस-2 मॉडल स्कूल श्रीमती बुचनी उच्च विद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया. इस अवसर पर कक्षा 9 की छात्राओं ने हस्तनिर्मित घरेलू उपयोग एवं घर सजावट की वस्तुओं की आकर्षक प्रदर्शनी लगाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
छात्राओं की कलाकृतियों ने बटोरी प्रशंसा
प्रदर्शनी में छात्राएं अंजलि, नंदिनी, तनु, छोटी, पार्वती और काजल द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों को शिक्षकों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों ने काफी सराहा. कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को पारंपरिक हस्तकला और स्वदेशी उत्पादों के महत्व से भी परिचित कराया गया.
हथकरघा हमारी संस्कृति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक
प्रधानाध्यापक मशकुर आलम ने कहा कि हथकरघा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता की पहचान भी है. उन्होंने विद्यार्थियों से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों के कार्य का सम्मान करने की अपील की.
स्वदेशी आंदोलन की भी दी जानकारी
सामाजिक विज्ञान शिक्षक जानकी रमण एवं सरजीत कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को स्वदेशी आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक श्याम रतन ने किया. इस अवसर पर रवि कुमार, विनोद कुमार, वली करीम, अमित कुमार, विजय कुमार सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे.
