कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में नौ सितंबर को सिंडिकेट की महत्वपूर्ण बैठक होगी. कुलपति सचिवालय में दोपहर 12.30 बजे से होने वाली बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय मामलों पर चर्चा की जाएगी. बैठक के एजेंडे में कुल 16 प्रस्ताव शामिल किये गये हैं. इनमें एनईपी-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम, शिक्षकों की नियुक्ति व प्रोन्नति, शुल्क संरचना और दीक्षांत समारोह सहित कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं.
पुरानी बैठकों के निर्णयों पर भी होगी चर्चा
सिंडिकेट की बैठक में 21 अप्रैल को हुई बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि और उसके क्रियान्वयन प्रतिवेदन के अनुमोदन पर विचार किया जाएगा. इसके साथ ही 14 जुलाई को हुई विद्वत्परिषद की बैठक में लिये गये निर्णयों की संपुष्टि का प्रस्ताव भी रखा गया है.
एनईपी-2020 के अनुरूप दो वर्षीय चार सत्रीय तथा एक वर्षीय दो सत्रीय आचार्य पाठ्यक्रम को नियंत्रित करने वाले अध्यादेश एवं विनियम के अनुमोदन पर भी सिंडिकेट में चर्चा होगी.
शिक्षकों की नियुक्ति और प्रोन्नति पर नजर
बैठक में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की प्रोन्नति एवं नियुक्ति के लिए विषय विशेषज्ञों की सूची के अनुमोदन पर भी विचार किया जाएगा. इसके अलावा बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की अनुशंसा के आधार पर राजनीति शास्त्र और संस्कृत विषय में हुई नियुक्तियों के अनुमोदन का मामला भी एजेंडे में शामिल है.
इन प्रस्तावों पर होने वाले निर्णय विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति और प्रोन्नति से जुड़े मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.
शुल्क और आवास से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल
सिंडिकेट की बैठक में विभिन्न समितियों में अभिषद् सदस्यों के मनोनयन से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार होगा. इसके अलावा आवास आवंटन, शिक्षाशास्त्र परामर्शदातृ समिति के निर्णय और शुल्क संरचना से संबंधित मामलों को भी एजेंडे में रखा गया है.
विश्वविद्यालय की भूमि लीज से जुड़े प्रस्ताव पर भी बैठक में चर्चा होगी. प्रशासनिक और वित्तीय मामलों से संबंधित अन्य प्रस्तावों पर भी सदस्यों की ओर से विचार-विमर्श किया जाएगा.
दीक्षांत समारोह की तारीख पर हो सकता है फैसला
बैठक में 26 से 28 अक्तूबर तक दीक्षांत समारोह आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी निर्णय संभावित है. ऐसे में सिंडिकेट की बैठक के बाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है.
इसके अलावा संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों के सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े प्रस्ताव तथा अन्यान्य मामलों पर भी बैठक में चर्चा की जाएगी. कुल 16 प्रस्तावों पर विचार के बाद सिंडिकेट द्वारा लिए जाने वाले निर्णय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे.
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