Darbhanga News: दरभंगा के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने सकतपुर थाना क्षेत्र के बैका निवासी मो. हमीदुल के पुत्र मो. सरताज को दुष्कर्म के मामले में दोषी करार देते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने दोषी पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
भादवि की धारा 376 में दोषी करार
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक चमक लाल पंडित ने मामले की पैरवी की. उन्होंने बताया कि अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपित को भादवि की धारा 376 के तहत दुष्कर्म का दोषी पाया.
शनिवार को अदालत ने सजा की अवधि निर्धारित करने के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया. एपीपी ने अपराध को सामाजिक अपराध बताते हुए दोषी को अधिकतम सजा देने की अपील की थी.
महिला को भय दिखाकर घर में ले जाने का आरोप
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 28 मार्च 2022 को अभियुक्त ने एक महिला को भय दिखाकर जबरन उठाया और अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था.
घटना को लेकर सकतपुर थाना में कांड संख्या 22/2022 दर्ज किया गया था. इसके बाद अदालत में सत्रवाद संख्या 349/2022 के तहत मामले की सुनवाई शुरू हुई.
छह गवाहों की गवाही से साबित हुआ आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अनुसंधानक, चिकित्सक और न्यायिक दंडाधिकारी समेत छह गवाहों की गवाही करायी. अभियोजन पक्ष इन गवाहों के माध्यम से आरोपित के खिलाफ अपराध साबित करने में सफल रहा.
अदालत ने दोषी को सजा सुनाने के साथ ही पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. मुआवजे की राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से निर्धारित की जायेगी.
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