Darbhanga News: भूमि निबंधन का नया कानून लागू हुए पांच दिन बीत जाने के बाद भी पेपरलेस भू-निबंधन की प्रक्रिया गति नहीं पकड़ पा रही है. शुक्रवार को भी बहेड़ा भू-निबंधन कार्यालय में वीरानगी का आलम रहा. कई क्रेता भूमि निबंधन के लिए भटकते दिखे, जबकि अधिकांश कातिब सह सेवा प्रदाता भी कार्यालय से नदारद नजर आये.
पांच दिनों में सिर्फ पांच भूमि का निबंधन
सरकार ने 17 अगस्त से पूरे प्रदेश में पेपरलेस भू-निबंधन व्यवस्था लागू की है. नये नियम के तहत कातिबों को सेवा प्रदाता के रूप में अधिकृत किया गया है. सेवा प्रदाताओं को क्रेता-विक्रेता को नये कानून की जानकारी देने के साथ ऑनलाइन निबंधन की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करना है.
इसके लिए सेवा प्रदाताओं को ऑनलाइन सिस्टम और डिजिटल सिग्नेचर से लैस होना जरूरी है. लेकिन सिस्टम पूरी तरह तैयार नहीं होने के कारण निबंधन कार्य प्रभावित हो रहा है. इससे क्रेता-विक्रेता के साथ सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ने की बात सामने आ रही है.
भू-निबंधन पदाधिकारी आर्य मणि ने बताया कि नये नियम के तहत अब तक पांच लोगों का भूमि निबंधन कराया गया है. कार्यालय से सीधे संपर्क करने वाले क्रेता-विक्रेताओं की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर निबंधन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे निबंधन कार्य गति पकड़ रहा है.
डिजिटल सिग्नेचर नहीं मिलने से सेवा प्रदाता परेशान
कातिब संघ के सचिव गुणानंद झा ने बताया कि सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करने के लिए कातिबों से आवेदन लिया गया है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से किसी को डिजिटल सिग्नेचर निर्गत नहीं किया गया है.
उनके अनुसार, डिजिटल सिग्नेचर नहीं मिलने के कारण सेवा प्रदाताओं के रूप में काम करने में परेशानी हो रही है और निबंधन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.
पुरानी व्यवस्था को पसंद कर रहे क्रेता-विक्रेता
दूसरी ओर, क्रेता-विक्रेता भी नये नियम के तहत निबंधन कराने को लेकर सहज नहीं हो पा रहे हैं. वे पुरानी व्यवस्था को ही पसंद कर रहे हैं. इससे भी निबंधन कार्य प्रभावित हो रहा है.
शुक्रवार को बहेड़ा निबंधन कार्यालय में सेवा प्रदाता कक्ष खाली पड़ा रहा. नये नियम के तहत ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कार्यालय में अपेक्षित गतिविधि नजर नहीं आयी.
यह भी पढ़ें
Darbhanga News: सड़क हादसे में घायल 21 वर्षीय युवक की डीएमसीएच में मौत
