Darbhanga News: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड अंतर्गत रतनपुर पंचायत के गंगेश्वरस्थान स्थित वर्षों से बंद एवं अतिक्रमित आयुर्वेदिक औषधालय के पुनरुद्धार की दिशा में प्रशासनिक पहल शुरू हो गई है. स्थानीय विधायक जीवेश कुमार द्वारा गत 21 जुलाई को बिहार विधानसभा के शून्यकाल में मामला उठाए जाने के बाद जिला देसी चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया है. विभाग ने औषधालय की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए जांच शुरू कर दी है.
दो सदस्यीय जांच टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण
जिला देसी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राहुल रंजन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है. इस टीम में सिंहवाड़ा के डॉ. मो. इमरान और जाले की डॉ. डेजी कुमारी को शामिल किया गया है. गठित जांच टीम ने शनिवार को गंगेश्वरस्थान पहुंचकर अंग्रेज कालीन जर्जर भवन का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने जमीन व भवन पर हुए अतिक्रमण की स्थिति की विस्तृत जानकारी जुटाई और पूरे परिसर की वीडियोग्राफी भी कराई.
आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करने की मांग
जांच टीम के सदस्यों ने बताया कि निरीक्षण के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही राज्य सरकार को भेजी जाएगी. गौरतलब है कि विधायक जीवेश कुमार ने विधानसभा में इस जर्जर औषधालय को आधुनिक 'आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' के रूप में विकसित करने की मांग रखी थी. इसके साथ ही उन्होंने संस्थान में वर्षों से रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने का भी आग्रह किया था.
हजारों लोगों को मिलेगा आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ
इस ऐतिहासिक औषधालय के पुनः संचालित होने से दरभंगा और तिरहुत सीमा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. स्थानीय ग्रामीणों को अब सुलभ और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं अपने घर के पास ही उपलब्ध हो सकेंगी.
