Darbhanga News: बारिश ने बढ़ायी किसानों की चिंता, कटनी-दौनी पर लगा ब्रेक

Darbhanga News:मौसम के करवट बदलने से हलकान किसानों की चिंता गुरुवार को हुई बारिश ने और बढ़ा दी है.

Darbhanga News: कमतौल. मौसम के करवट बदलने से हलकान किसानों की चिंता गुरुवार को हुई बारिश ने और बढ़ा दी है. इलाके के अधिकांश किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है. कटनी व दौनी का काम तेजी से किया जा रहा था, लेकिन दो दिनों से मौसम खराब होने से कटनी-दौनी काम पर ब्रेक लग गया है. किसानों ने बताया कि बुधवार को होने वाली बूंदा-बांदी ने दौनी का काम रोक दिया था, वहीं गुरुवार को हुई बारिश ने कटनी पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है. खेतों में कटी हुई गेंहू की फसल पूरी तरह भींग गयी है. वहीं खड़ी फसल तेज हवा के झोंके से झुक गयी है. ऐसी स्थिति में किसानों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गयी है. हालांकि वर्तमान मौसम का मिजाज कुछ फसलों के लिए लाभदायक भी है. इस बारिश से मूंग, उड़द, ज्वार, तिल व पशुचारे की बोई गयी फसलों के अलावा मौसमी सब्जी की रंगत बदल गयी है. मूंग, उड़द, पशुचारा आदि फसलों की बोआई में तेजी आयेगी, लेकिन गेहूं फसल के लिए यह बारिश नुकसानदायक साबित हो सकता है.

अहियारी गोट के अरुण राय, रामबाबू राय, चनुआटोल के रामसोगारथ पंडित, राधेश्याम पंडित, मिर्ज़ापुर के महेंद्र यादव आदि किसानों ने बताया कि कटनी व दौनी का काम तेजी से किया जा रहा था. लोग दिन-रात कटनी-दौनी कर फसल समेटने में जुटे थे, लेकिन बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है. बारिश हो जाने से फसल समेटने में देरी होगी ही, नुकसान होने की भी संभावना बढ़ गयी है. वहीं अहियारी के मोहन महतो, गिरबल महतो, सुधीर ठाकुर ने बताया कि कटनी का काम आधा-अधूरा ही हुआ था कि बुधवार को हुई बूंदा-बांदी ने इसपर ब्रेक लगा दिया. वहीं गुरुवार को हुई झमाझम बारिश ने कई दिनों तक कटनी-दौनी का काम बंद कर दिया है. तेज हवाओं से खेतों में खड़ी और पड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गयी है.

मनीगाछी. लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने क्षेत्र के किसानों की नींद हराम कर दी है. वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है. अधिकांश किसानो की गेंहू कटनी नहीं हो पाया है. कई किसानों की थ्रेसिंग के लिए रखी गेहूं फसल इस दो दिनों की बारिश में पूरी तरह भींग गयी है. राजे के किसान विनोद यादव, रामकिसुन चौपाल, रामचंद्र यादव सहित अन्य ने बताया कि गेंहू फसल में इस बार काफी घाटा होने का अनुमान है. साल भर भोजन कैसे होगा, यही चिन्ता सता रही है.

हायाघाट.

लगातार बिगड़ रहे मौसम ने किसानों को आबाद कम व बर्बाद अधिक किया है. गेहूं कटनी-दौनी का समय चल रहा है. ऐसे में लगातार तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने मानो किसानों की कमर ही तोड़ दी है. प्रखंड क्षेत्र में लगभग 60 प्रतिशत गेंहू की फसल तैयार हो गया है. वहीं 40 फीसदी फसल अभी खेतों में ही है. दूसरी ओर आम व लीची की फसल को तेज हवा के झोंके ने नुकसान पंहुचाया है. आम के टिकोला झरने लगे हैं.,इससे किसान चिंतित हैं. हार्टिकल्चर के जानकार आशीष कुमार ने बताया कि आम के टिकोला को गिरने से बचाने के लिए फफूंदनाशक व कीटनाशक दवा के मिश्रण का छिड़काव करना और पेड़ों के जड़ में पटवन करना आवश्यक है, जिससे आम-लीची के फलों का डंठल मजबूत हो.

बारिश के बाद मौसम हुआ सुहावना

कमतौल. जाले प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को लगातार बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया है. लोगों को चिलचिलाती धूप व बदन झुलसाने वाली गर्मी से कुछ दिनों के लिए राहत मिल गयी है. पिछले कई दिनों से चिलचिलाती धूप व गर्मी से बेहाल लोगों को बुधवार को हुई बूंदा-बांदी ने राहत दे दी थी, वहीं गुरुवार को तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश ने कुछ दिनों के लिए भीषण गर्मी से राहत दिलाने का काम किया है. गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, रह-रह बारिश होती रही, जिससे लोगों को ठंड का एहसास होने लगा. बता दें कि कुछ दिन पहले क्षेत्र का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा था, लेकिन बारिश के कारण तापमान में काफी गिरावट आयी है. हवा में नमी होने के कारण तपिश नहीं रही. बारिश ने आम जनमानस को जहां भीषण गर्मी से राहत पहुंचाई है, वहीं किसानों की परेशानी बढ़ा दिया है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक लगातार बारिश होती रहेगी. इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRABHAT KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >