Darbhanga News: सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से गेहूं की खरीद शुरू, पहले दिन एक मीट्रिक टन क्रय

Darbhanga News:जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकार की ओर से गेहूं की खरीद क्रय केंद्रों पर प्रारंभ हो .

Darbhanga News: दरभंगा. जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकार की ओर से गेहूं की खरीद क्रय केंद्रों पर प्रारंभ हो . पहले दिन मंगलवार को हायाघाट प्रखंड क्षेत्र के मल्हीपट्टी उत्तरी पैक्स के माध्यम से 01 किसान से 01 एमटी (मीट्रिक टन) गेहूं की खरीद एमएसपी पर की . विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में 04 हजार 677 एमटी गेहूं किसानों से खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से ए ग्रेड गेहूं 2425 एवं बी ग्रेड गेहूं 2400 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जायेगा. क्रय केंद्र 15 जून तक खुले रहेंगे. विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में इस साल गेहूं का संभावित उत्पादन 02 लाख 77 हजार 261 एमटी है. पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में किसानों को प्रति क्विंटल 300 रुपया पहले से अधिक दिया जा रहा है. पिछले वित्तीय वर्ष में प्रति क्विंटल एमएसपी दर 2125 रुपया था. इस वर्ष 2425 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद हो रही है.

सहकारिता विभाग ने खोले 209 क्रय केंद्र

किसानों की सुविधा के लिए जिला सहकारिता विभाग ने 209 क्रय केंद्र खोले हैं. इसमें 204 पैक्स एवं 05 व्यापार मंडल शामिल है. प्रत्येक क्रय केंद्र अध्यक्ष को एक लाट (290 क्विंटल) गेहूं खरीद के लिए सहकारिता बैंक से सीसी (कैश क्रेडिट) उपलब्ध कराया गया है. जैसे-जैसे खरीद बढ़ेगी, क्रय केंद्रों के सीसी की राशि बढ़ाई जाएगी.

गेहूं बेचने के लिए 842 किसानों ने कराया निबंधन

गेहूं बेचने के लिए अबतक 842 किसानों ने निबंधन कराया है. इसमें 690 रैयत एवं 112 गैर रैयत किसान हैं. सहकारिता विभाग रैयत किसानों से 150 क्विंटल एवं गैर रैयत किसानों से 50 क्विंटल गेहूं की खरीद करेगा. बता दें कि पिछले वर्ष में 20 अप्रैल से 31 मई तक गेहूं की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से हुई थी. देर से क्रय केंद्र खोले जाने की वजह से विभाग लक्ष्य को नहीं पा सका था.

खेत में ही 2650 रुपये क्विंटल गेहूं बेच दे रहे किसान

कई किसानों ने बताया कि वे खेत में ही दौनी कर व्यापारियों के हाथों गेहूं बेच रहे हैं. कहा कि व्यापारी 2650 रुपये क्विंटल गेहूं की खरीद कर रहा है. खेत में ही गेहूं बेचने से बोरी नहीं खरीदनी होती. ढ़ुलाई का पैसा बच जाता है. वहीं प्रति क्विंटल 250 अधिक कीमत भी मिल रही है.

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Author: PRABHAT KUMAR

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