Darbhanga : मैथिली अकादमी पटना का ताला खोलने की मांग को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के समक्ष धरना

अध्यक्षता विनय कुमार झा तथा संचालन उपाध्यक्ष रामनाथ पंजियार ने किया.

दरभंगा. मैथिली अकादमी, पटना का बंद ताला खुलवा कर सुचारु ढंग से संचालित करने, प्रतिनियुक्त कर्मचारियों को पुन: पदस्थापित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय मिथिला संघ की ओर से प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया. अध्यक्षता विनय कुमार झा तथा संचालन उपाध्यक्ष रामनाथ पंजियार ने किया. दीपक झा ने कहा कि मैथिली अकादमी में ताला लगाना मैथिली भाषी की उपेक्षा है. मिथिला भाषा, साहित्य, संस्कृति के संवर्धन तथा संरक्षण के लिए अविलंब मैथिली अकादमी को सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए. ऐसा नहीं होगा तो युवा- छात्र उग्र प्रदर्शन करेंगे. प्रियंका झा ने कहा कि यह मैथिली अकादमी पर ताला नहीं, हमारी संस्कृति पर ताला लगा है. इसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शरद सिंह ने कहा कि मिथिला क्षेत्र के लोगों ने एनडीए को बड़ी जीत दिलाई. बदले में मैथिली अकादमी बंद कर दिया गया. अध्यक्ष विनय कुमार झा ने कहा कि मैथिली अकादमी से अनेकों पुस्तकें छपी है. यह संस्था मिथिला का धरोहर है. इसकी उपेक्षा मिथिलवासी बर्दाश्त नहीं करेंगे. धरना के माध्यम से आयुक्त तथा जिलाधिकारी से कहा गया कि मांगों को बिहार सरकार तक पहुंचाएं अन्यथा अखिल भारतीय मिथिला संघ मैथिली अकादमी को चालू करवाने की मांग को लेकर अनवरत संघर्ष करेगी. धन्यवाद ज्ञापन प्रवक्ता रौशन कुमार झा ने किया. कार्यक्रम में कुन्दन सिंह, राघवेन्द्र झा, विभूति झा, अमन, समीर, अलफाज, मुन्ना कुमार, विपिन कुमार सिंह, गणेश मंडल, रौशन कुमार, संजय राम, राकेश कुमार मौजूद थे. मैथिली अकादमी खोलने की मांग को लेकर जलाया सरकार का पुतला दरभंगा. मैथिली अकादमी को संचालित करने की मांग को लेकर मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने शुक्रवार को आयकर चौराहा पर सरकार का पुतला दहन कर विरोध जताया. वक्ताओं ने कहा कि मैथिली भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से स्थापित मैथिली अकादमी में ताला लगना मिथिला की अस्मिता पर सीधा प्रहार है. यह घटना बिहार सरकार की भाषाई उदासीनता और प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है. राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण, कोषाध्यक्ष उदय नारायण झा एवं विश्वविद्यालय अध्यक्ष अनीश चौधरी आदि ने कहा कि यह केवल एक अकादमी का मुद्दा नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक पहचान का प्रश्न है. सरकार जानबूझकर मैथिली अकादमी को उपेक्षा का शिकार बना रही है. न पर्याप्त बजट दिया जा रहा है, न नियमित अध्यक्ष और कर्मचारियों की नियुक्ति हो रही है. परिणामस्वरूप अकादमी आज बंद है, जो पूरे मिथिला समाज के लिए शर्मनाक स्थिति है. कहा कि छात्र-युवा वर्ग इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेगा. स्नातकोत्तर संगीत एवं नाट्य विभाग खाली कर नहीं सौंपने के खिलाफ प्रदर्शन दरभंगा. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर संगीत एवं नाट्य विभाग के भवन को खाली कर दरभंगा राज को भूमि एवं भवन नहीं सौंपे जाने के खिलाफ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. लोगों ने इसे न्यायालय के आदेश की अवहेलना बताया. कहा कि बार- बार कोई न कोई बहाने बना कर कोर्ट के आदेश को नहीं माना जा रहा है. भवन दरभंगा राज परिवार (महाराज कामेश्वर धार्मिक न्यास) से संबंधित है, जिसे न्यायालय में राज परिवार के पक्ष में निर्णय दिया गया है. कहा कि साल 1987 में इस विभाग के संचालन के लिए दरभंगा महाराज के वंशज से सात कट्ठा जमीन किराए दिया था. लेकिन, यूनिवर्सिटी ने केवल दो साल तक ही किराया दिया. बाद में किराया देना बंद कर दिया. 36 साल तक चले इस मामले में कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया, जिसमें भवन का स्वामित्व दरभंगा राज परिवार को सौंप दिया गया. विश्वविद्यालय को भवन खाली करने का आदेश दिया गया. विश्वविद्यालय ने विभाग में चल रही परीक्षा का हवाला देते हुए 26 दिसंबर तक का समय मांगा था. प्रशासन ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए यह मोहलत दे दी थी. रजिस्ट्रार ने 26 दिसंबर के बाद स्वतः जगह खाली कर चाबी सौंपने का आश्वासन दिया था. लेकिन, समय बीत जाने के बाद भी दरभंगा राज को भूमि एवं भवन विश्वविद्यालय द्वारा नहीं सौंपा गया. शुक्रवार को इसके विरोध में दर्जनों पुरूष एवं महिलाओं ने विश्वविद्यालय के असंवैधानिक आचरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया एवं विश्वविद्यालय के विरोध में नारेबाजी की.

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Author: DIGVIJAY SINGH

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