Darbhanga : जैसे -तैसे स्कूल पहुंचे कुछ शिक्षक, अधिकांश रास्ते में रह गए फंसे

एनडीए के बिहार बंद को लेकर शिक्षण संस्थानों में दो तरह की तस्वीर सामने आई. पहली तस्वीर निजी विद्यालयों की रही.

बिहार बंद को लेकर एहतियातन नहीं खुले निजी स्कूल

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को पहुंचने के लिए करनी पड़ी आपाधापी

विद्यालय नहीं पहुंच सके शिक्षक-शिक्षिकाओं को लेना पड़ा सीएल

स्कूल तथा कॉलेजों में नहीं पहुंचे छात्र-छात्रा

दरभंगा. एनडीए के बिहार बंद को लेकर शिक्षण संस्थानों में दो तरह की तस्वीर सामने आई. पहली तस्वीर निजी विद्यालयों की रही. शहर के सभी निजी विद्यालयों पर ताले झूलते रहे. निजी विद्यालय प्रबंधन ने बिहार बंद को लेकर एहतियातन स्कूल को बंद रखा. इससे इन विद्यालयों के शिक्षकों एवं छात्रों में राहत रही. इसके ठीक विपरीत दूसरी तस्वीर सरकारी स्कूलों की सामने आई. अधिकांश सरकारी स्कूल अघोषित रूप से बंद रहे. हालांकि इन स्कूलों में ताले नहीं झूल रहे थे, लेकिन शिक्षक कम संख्या में उपस्थित हो सके. छात्रों की संख्या लगभग नहीं के बराबर रही. नजदीक के कुछ छात्र पांव- पैदल जरूर पहुंचे थे. स्कूल जाने के लिए घर से निकले शिक्षक एवं शिक्षिका रास्ते में ही फंसे देखे गये. निराश होकर वे लौट गये. इन शिक्षकों को सीएल लेना पड़ा.

शिक्षिकाओं को झेलनी पड़ी जिल्लत

शिक्षिकाओं के लिये बंदी जिल्लत का कारण बन गयी. घर से निकलते ही उन्हें जाम का सामना करना पड़ा. किसी तरह एक जगह से निकलने पर दूसरी जगह रोक दी गयी. अनुनय-विनय का भी आंदोलनकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा. नाराज शिक्षकाओं ने आंदोलनकारियों से सवाल-जवाब की. पूछा जब सरकारी पार्टी बंद करा रही है, तो स्कूल बंद क्यों नहीं किया गया. जब बंद नहीं किया गया तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है. बावजूद उनकी किसी ने नहीं सुनी. दोपहिया वाहन वाले कुछ शिक्षकों को मुख्य चौक चौराहे से गुजरना संभव नहीं हो सका, तो वे गली मोहल्ले के रास्ते विद्यालय तक पहुंचे. हालांकि ज्यादातर शिक्षक अंततः विद्यालय नहीं ही पहुंच पाए. इन शिक्षकों में इ शिक्षाकोष पर उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने का मलाल देखा गया. गंज से शाहबाजपुर पंचायत के एक विद्यालय में पहुंचने के लिए शिक्षक वीरेंद्र कुमार को दोनार गुमती और स्टेशन गुमटी के पास सड़क जाम मिला. वे किसी प्रकार दूसरे रास्ते का सहारा लेते हुए देर से विद्यालय पहुंच सके.

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Published by: Digvijay singh

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