केशवेन्द्र प्रताप ठाकुर, जाले. भले ही आज की बेटियां चन्द्रमा पर पहुंच कर अपना परचम लहरा रही है, लड़ाकू विमान उड़ाकर दुश्मनों का दांत खट्टे कर रही लेकिन यह भी सच है कि कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां वर्ग और जाति विशेष में लड़कियों को समान अवसर कौन कहे समुचित मौका भी नहीं मिल पाता. ऐसी ही परिस्थिति में प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर गांव की प्रतीक्षा कुमारी ने परंपरागत सामाजिक सोच को चुनौती देते हुए बिहार पुलिस में नौकरी हासिल कर नई मिसाल कायम की है. ब्राह्मण समाज की इस बेटी की सफलता को गांव में महिलाओं की सरकारी सेवा में पहली बड़ी उपलब्धि कही जा रही है. वर्तमान में वह प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पटना पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित है. रतनपुर गांव के वार्ड-12 निवासी अरुण कुमार की छोटी पुत्री प्रतीक्षा ने रसायन शास्त्र से एमएससी करने के बाद 30 जून 2025 को बिहार पुलिस में चयन प्राप्त किया. कटिहार में 11 माह 17 दिन का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनकी पहली तैनाती पटना मुख्यालय में हुई. करीब 11 हजार की आबादी वाले रतनपुर गांव में ब्राह्मण समाज की संख्या लगभग 250 से 300 है. समाज के वयोवृद्ध जयचंद कुमार के अनुसार, वे लोग पारम्परिक रुप जीवन-यापन कर रहे थे. कुछ पुरुष तो सरकारी व निजी क्षेत्रों में कार्यरत रहे हैं, मगर महिलाओं के लिए यह पूरी तरह से नई बात है. किसी बेटी का पुलिस सेवा में जाना पहली बार हुआ है. प्रतीक्षा ने वर्ष 2015 में टीबीएस हाइ स्कूल, ब्रह्मपुर से प्रथम श्रेणी में मैट्रिक, 2020 में सीएम साइंस कॉलेज से रसायन शास्त्र में स्नातक तथा 2022 में प्रथम श्रेणी से एमएससी की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस की नौकरी करने के फैसले का परिवार और समाज के कई लोगों ने विरोध किया. हालांकि मां और छोटे भाई के सहयोग से उन्होंने परीक्षा दी और सफलता हासिल की. प्रतीक्षा ने कहा कि वह अपनी वर्तमान नौकरी से संतुष्ट होकर नहीं रुकी है. पटना में सेवा के साथ-साथ वह बिहार पुलिस अवर निरीक्षक (एसआइ) भर्ती परीक्षा की तैयारी भी कर रही हैं. उनकी सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही है.
बिहार पुलिस में सिपाही बन प्रतीक्षा ने तोड़ा समाज का मिथक

1. शस्त्र के साथ प्रतीक्षा. 2. अपनी माता के साथ प्रतीक्षा. | Prabhat Khabar Network
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बिहार के रतनपुर गांव की प्रतीक्षा कुमारी ने परंपरागत सामाजिक सोच को चुनौती देते हुए बिहार पुलिस में नौकरी हासिल कर समाज के लिए एक नई मिसाल कायम की है।