Darbhanga News: सदर प्रखंड की शीशो पूर्वी पंचायत के करकौली स्थित बागमती नदी किनारे परसादी घाट के निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराने की मांग की है. उनका कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद घाट आज तक अधूरा पड़ा है.
दो-तीन सीढ़ियां बनाकर छोड़ दिया गया निर्माण कार्य
ग्रामीणों के अनुसार, तत्कालीन प्रमुख के कार्यकाल में प्रमुख फंड से करीब 15 से 16 लाख रुपये की लागत से परसादी घाट निर्माण की योजना शुरू की गई थी. आरोप है कि केवल दो से तीन सीढ़ियों का निर्माण कर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया. कई वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है.
घाट पर गंदगी, झाड़-झंखाड़ से बढ़ी परेशानी
ग्रामीण ओकील साहनी, सुरेश महतो, नागेंद्र सहनी और अमीरी शर्मा ने बताया कि वर्तमान में घाट पर गंदगी का अंबार है और झाड़-झंखाड़ उग आए हैं. इस श्मशान घाट का उपयोग आसपास की दो से तीन पंचायतों के दर्जनों गांवों के लोग अंतिम संस्कार के लिए करते हैं. दाह संस्कार के बाद स्नान के लिए समुचित घाट नहीं होने से लोगों को काफी कठिनाई होती है.
सूचना बोर्ड नहीं लगाने का भी आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय योजना का सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया. इससे योजना की स्वीकृति, लागत, निर्माण एजेंसी और अन्य जानकारियां सार्वजनिक नहीं हो सकीं. उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए.
वर्तमान प्रमुख ने क्या कहा
वर्तमान प्रमुख उदय कुमार सहनी ने बताया कि यह योजना पूर्व प्रमुख शंभु साह के कार्यकाल की है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है.
