Darbhanga News: पारस ग्लोबल हॉस्पिटल, दरभंगा में पहली बार सफलतापूर्वक टोटल एल्बो रिप्लेसमेंट (कोहनी प्रत्यारोपण) सर्जरी कर 85 वर्षीय महिला को नई उम्मीद दी गई. बहेड़ी निवासी गंगा देवी गंभीर दुर्घटना में कंपाउंड फ्रैक्चर का शिकार हो गई थीं. दुर्घटना में उनकी कोहनी की हड्डी त्वचा को फाड़कर बाहर निकल गई थी.
संक्रमण नियंत्रित करने के बाद किया गया प्रत्यारोपण
हॉस्पिटल के एल्बो एवं नी रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ तथा ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. ज्ञान रंजन ने बताया कि मरीज की उम्र अधिक होने और पहले से सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) से पीड़ित होने के कारण यह सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी. सबसे पहले ऑपरेशन कर एक्सटर्नल फिक्सेटर लगाया गया, जिससे संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके. संक्रमण नियंत्रित होने के बाद फिक्सेटर हटाकर करीब 10 दिन बाद सफलतापूर्वक टोटल एल्बो रिप्लेसमेंट किया गया.
सर्जरी के दूसरे दिन से शुरू हुई फिजियोथेरेपी
करीब सवा घंटे तक चली सर्जरी के दूसरे ही दिन मरीज की फिजियोथेरेपी और हाथ की मूवमेंट शुरू करा दी गई. डॉ. ज्ञान रंजन ने बताया कि युवाओं में इस प्रकार के फ्रैक्चर का इलाज सामान्यतः प्लेट और स्क्रू से किया जाता है, जबकि अधिक उम्र के मरीजों के लिए एल्बो रिप्लेसमेंट बेहतर विकल्प साबित होता है. उन्होंने एल्बो एवं नी रिप्लेसमेंट की विशेष ट्रेनिंग सिंगापुर और जर्मनी से प्राप्त की है.
आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
पारस हेल्थ के जोनल डायरेक्टर एवं वाइस प्रेसिडेंट डॉ. दीपक सिंह ने कहा कि पारस ग्लोबल हॉस्पिटल, दरभंगा का उद्देश्य मिथिला के मरीजों को महानगरों जैसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि पहली सफल टोटल एल्बो रिप्लेसमेंट सर्जरी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं का प्रमाण है.
