Biraul News: नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में बिहार बंद के दौरान बिरौल में निकाले गए प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. कृषि समन्वयक अमरेश कुमार झा के आवेदन पर बिरौल थाना में हैदराबाद मानू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष समेत तीन नामजद और करीब 100 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है.
दंडाधिकारी के आवेदन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
आवेदन में कृषि समन्वयक अमरेश कुमार झा ने बताया है कि बिहार बंद के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें बिरौल अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था. वे पुलिस अधिकारियों के साथ भगत सिंह चौक पर ड्यूटी पर तैनात थे.
उनके अनुसार, सुबह करीब 10 बजे छात्रों की भीड़ जुटनी शुरू हुई. आवेदन में कहा गया है कि भीड़ में मौजूद एक युवक ने अपना नाम राहुल कुमार सहनी बताते हुए दावा किया कि नगर पंचायत बिरौल निवासी एवं हैदराबाद मानू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष मो. अबु हमजा ने आसपास के युवाओं को आंदोलन के लिए बुलाया है.
बिना अनुमति जुलूस निकालने का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस द्वारा भीड़ को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन करीब 100 लोग एकत्र हो गए. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के कुनौली निवासी बरकत अली के नेतृत्व में भीड़ ने भगत सिंह चौक से बिरौल बस स्टैंड होते हुए एसएच-17 स्थित कोठी पुल रोड तक पैदल मार्च किया और आवागमन बाधित किया.
तीन नामजद, 100 अज्ञात पर मामला
पुलिस ने आवेदन के आधार पर सुपौल निवासी राहुल कुमार सहनी, मो. अबु हमजा और बरकत अली को नामजद अभियुक्त बनाया है. इसके अलावा वीडियो और फोटो के आधार पर पहचान कर अन्य करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी बिना वैध अनुमति भीड़ एकत्र करने, जुलूस निकालने और आवागमन बाधित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.
जांच में जुटी पुलिस
बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
