Darbhanga News: हायाघाट प्रखंड की मझौलिया पंचायत के वार्ड संख्या-8 के ग्रामीण इन दिनों गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं. वार्ड में लगे अधिकांश चापाकल सूख चुके हैं, जबकि मुख्यमंत्री नल-जल योजना का लाभ भी आधी आबादी तक नहीं पहुंच पा रहा है. इससे लोगों को रोजमर्रा के उपयोग के लिए पानी की भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.
जलमीनार की लोकेशन बनी समस्या
ग्रामीणों के अनुसार वार्ड का एक हिस्सा निचले क्षेत्र में है, जबकि दूसरा हिस्सा गांव के सबसे ऊंचे भूभाग पर स्थित है. तकनीकी रूप से जलमीनार ऊंचे स्थान पर बनाई जानी चाहिए थी, लेकिन इसका निर्माण निचले इलाके में कर दिया गया. इसके कारण ऊंचे मोहल्ले तक पर्याप्त दबाव से पानी नहीं पहुंच रहा है और वहां के लोग योजना के लाभ से वंचित हैं.
एक महीने बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए 16 जून को आयोजित सहयोग शिविर में आवेदन दिया गया था. उस समय पीएचईडी के कनीय अभियंता मंजर इमाम ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.
निरीक्षण के बाद भेजा जाएगा प्रस्ताव
इस संबंध में पीएचईडी के कनीय अभियंता मंजर इमाम ने बताया कि जल्द ही स्थल का भौतिक निरीक्षण कर सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नल-जल योजना का पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां समरसेबल बोरिंग कर पाइपलाइन के माध्यम से सभी घरों तक पेयजल उपलब्ध कराने की योजना पर विभाग गंभीरता से काम कर रहा है.
