LNMU PhD Admission 2026: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PAT)-2024 के तहत पीएचडी कार्यक्रम में नामांकन के लिए संकायवार और विषयवार रिक्तियों की सूची जारी कर दी है. पीजी विभागों से प्राप्त रिक्तियों के आधार पर योग्य अभ्यर्थियों का पीएचडी कार्यक्रम में नामांकन किया जाएगा. विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार छह संकाय के 23 विषयों में कुल 999 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि 1756 अभ्यर्थियों को 11 से 17 सितंबर तक होने वाले साक्षात्कार में शामिल होना है.
छह संकाय के 23 विषयों में 999 सीटें
अधिसूचना के अनुसार विज्ञान संकाय के पांच विषयों में कुल 142 सीटें और मानविकी संकाय के छह विषयों में 394 सीटें रिक्त हैं.
वहीं सामाजिक विज्ञान संकाय के आठ विषयों में 360 सीटें, वाणिज्य संकाय के दो विषयों में 30 सीटें, शिक्षा संकाय में 40 सीटें और ललित कला संकाय के संगीत विषय में 33 सीटें उपलब्ध हैं.
इन 999 रिक्तियों के लिए कुल 1756 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होना है. इनमें PAT-2024 उत्तीर्ण 831 और PAT से छूट प्राप्त 925 अभ्यर्थी शामिल हैं.
विश्वविद्यालय के अनुसार उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों का पीएचडी कार्यक्रम में नामांकन किया जाएगा. नामांकन की आगे की प्रक्रिया, पात्र अभ्यर्थियों की सूची और संबंधित दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की ओर से बाद में जारी किये जाएंगे.
पांच विषयों में सीट से कम अभ्यर्थी
हिंदी, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और एआइएच विषय में विश्वविद्यालय की ओर से जारी रिक्तियों की तुलना में आवेदकों की संख्या कम है.
इन पांच विषयों के लिए कुल 399 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि केवल 222 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होना है. इनमें PAT-2024 उत्तीर्ण 69 और PAT से छूट प्राप्त 153 अभ्यर्थी हैं.
ऐसे में इन विषयों में उपलब्ध सीटों की तुलना में अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के कारण नामांकन की स्थिति अपेक्षाकृत आसान रहने की संभावना है.
18 विषयों में एक सीट पर औसतन 2.55 अभ्यर्थी
शेष 18 विषयों में उपलब्ध रिक्तियों की तुलना में अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक है. इन विषयों की 600 सीटों के लिए कुल 1534 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होना है.
इनमें PAT उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या 762 और PAT से छूट प्राप्त अभ्यर्थियों की संख्या 772 है. इस तरह इन 18 विषयों में एक सीट पर औसतन 2.55 अभ्यर्थी दावेदार हैं.
रिक्तियों की संख्या कम होने को लेकर कई अभ्यर्थियों में नाराजगी भी है. छात्र संगठनों के कुछ नेताओं का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय पदाधिकारियों से पहले ही आग्रह किया था कि PAT के माध्यम से नामांकन के अंतिम अवसर को देखते हुए उपलब्ध अर्हताधारी शिक्षकों के जिम्मे जितनी सीटें खाली हैं, उसी के अनुसार रिक्तियां जारी की जाएं.
