दरभंगा वेदर अपडेट: जाले प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर, ब्रह्मपुर, कछुआ, नरौछ-बिहारी और राढ़ी समेत कई गांवों में मंगलवार की दोपहर गरज के साथ तेज बारिश हुई. करीब दो घंटे तक हुई झमाझम बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं धान के खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया. बारिश ने पटवन की तैयारी में जुटे किसानों की चिंता भी कुछ कम कर दी. कई किसान पंपसेट और बिजली मोटर लेकर खेतों तक पहुंच चुके थे और कुछ जगहों पर सिंचाई शुरू भी हो गयी थी.
पटवन शुरू करने की तैयारी में थे किसान
रतनपुर के किसान राज सिंघानियां, रमेश झा, कन्हैया झा और राजा सहनी ने बताया कि धान की फसल के लिए अच्छी बारिश का इंतजार था. खेतों में पहले नमी थी, लेकिन पानी सूखने के बाद किसान पटवन की तैयारी में जुट गये थे. कई किसानों ने पंपसेट और बिजली मोटर खेत में पहुंचा दिया था.
किसानों ने बताया कि मंगलवार करीब 11 बजे हल्की बूंदाबांदी हुई थी. इसके बाद धूप निकल गयी और खेतों में पानी देने का काम शुरू हो गया. इसी बीच ढाई से तीन बजे के बीच अचानक गरज के साथ तेज बौछारें शुरू हो गयीं.
बिजली कटी तो मोटर को पॉलीथिन से ढका
तेज बारिश के दौरान बिजली कट गयी. बिजली मोटर से पटवन करने वाले किसान बारिश से बचाने के लिए अपने मोटर को पॉलीथिन से ढकते नजर आये. वहीं, तेज बारिश शुरू होते ही डीजल पंपसेट से सिंचाई कर रहे किसानों ने भी पंप बंद कर उसे ढक दिया.
बारिश की तेज आवाज और गरज के बीच खेतों में काम कर रहे किसानों को सिंचाई रोकनी पड़ी. हालांकि, कुछ ही देर में खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो जाने से किसानों को पटवन पर होने वाले खर्च की चिंता से राहत मिली.
गाभा बनने के समय धान के लिए जरूरी है पानी
किसान राजा सहनी ने बताया कि अगात प्रभेद के सरयू-52 और राजेंद्र नीलम धान में अब गाभा बनना शुरू हो गया है. इस अवस्था में धान के पौधों के लिए खेत में पर्याप्त नमी और पानी रहना जरूरी होता है.
उन्होंने बताया कि दाना बनने के समय खेत में पानी की कमी होने पर फसल पर असर पड़ सकता है. पर्याप्त नमी नहीं रहने से थाना कमजोर होने की आशंका रहती है. ऐसे में मंगलवार को हुई बारिश से अगात धान की फसल को फिलहाल काफी राहत मिली है.
किसानों को सिंचाई के खर्च से मिली राहत
करीब दो घंटे की बारिश ने किसानों की पटवन की तत्काल जरूरत को पूरा कर दिया. जिन किसानों ने सिंचाई के लिए पंपसेट और मोटर खेतों तक पहुंचा दिये थे, उन्हें अब कुछ समय के लिए राहत मिलेगी. धान की फसल के महत्वपूर्ण चरण में हुई इस बारिश को किसान खेती के लिए फायदेमंद मान रहे हैं.
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