दरभंगा: मोरो थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खपड़पुरा की शिक्षिका द्वारा प्रधान शिक्षक कुमार गौरव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. एक ओर पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रधान शिक्षक बिना अवकाश स्वीकृति के विद्यालय से अनुपस्थित हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गयी है.
प्रधान शिक्षक के स्पष्टीकरण से असहमत बीइओ जितेंद्र सिंह मामले की जांच के लिए विद्यालय पहुंचे. उन्होंने पीड़िता शिक्षिका समेत अन्य शिक्षकों से पूछताछ की. शिक्षकों ने प्रधान शिक्षक पर अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का आरोप स्वीकार किया.
जांच में शैक्षणिक व्यवस्था पर भी सवाल
जांच के दौरान बीइओ ने वर्ग समय-सारिणी का अवलोकन किया. इसमें पाया गया कि प्रधान शिक्षक एक भी कक्षा का संचालन नहीं करते हैं. वहीं, मध्याह्न भोजन समय पर तैयार नहीं होने के मामले में भी प्रधान शिक्षक को जिम्मेदार माना गया.
मौखिक आदेश पर प्रभारी प्रधान शिक्षक बने सुशील कुमार चौधरी ने बताया कि एचएम द्वारा समय पर गैस की खरीद नहीं किये जाने के कारण भोजन तैयार करने में देर हुई.
स्पष्टीकरण खारिज, निलंबन की अनुशंसा
प्रधान शिक्षक के स्पष्टीकरण में अनुशासन और शैक्षणिक व्यवस्था बेहतर करने की दलील दी गयी थी. बीइओ ने इसे निरस्त कर दिया.
उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर बीइओ ने प्रधान शिक्षक द्वारा शिक्षकों के साथ अमर्यादित व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों को गंभीर माना है. उन्होंने आवश्यक प्रशासनिक एवं विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के साथ प्रधान शिक्षक के निलंबन की अनुशंसा जिला शिक्षा पदाधिकारी से की है.
क्या है मामला
पीड़िता शिक्षिका ने प्रधान शिक्षक कुमार गौरव के विरुद्ध मोरो थाना कांड संख्या 96/2026 दर्ज कराया है. प्राथमिकी में कंधे पर हाथ रखकर छेड़छाड़ करने, अश्लील फब्तियां कसने, जबरदस्ती अश्लील वीडियो दिखाने और जातिसूचक टिप्पणी कर शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाये गये हैं.
शिक्षिका ने मानसिक प्रताड़ना के कारण अपने दो महीने के गर्भ के गिरने के लिए भी प्रधान शिक्षक को जिम्मेदार ठहराया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
