Education News: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड की ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय ब्रह्मपुर कन्या में मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी के कारण पठन-पाठन और विद्यालय संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. यह विद्यालय समस्याओं का पर्याय बन गया है, जहां बुनियादी ढांचे के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है.
drinking water crisis: चार कमरों में पांच कक्षाएं और कार्यालय
महज एक कट्ठा तीन धूर जमीन में बने दो मंजिला भवन में यह स्कूल संचालित हो रहा है. कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई के लिए यहां केवल चार कमरे उपलब्ध हैं. हैरानी की बात यह है कि इन्हीं चार कमरों में से एक में विद्यालय का कार्यालय भी चलता है, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
MDM issues: सीढ़ी के नीचे शौचालय, सुविधाओं का भारी अभाव
परिसर में सुविधाओं के नाम पर भारी कटौती देखने को मिलती है. विद्यालय में सीढ़ी के नीचे मात्र एक शौचालय बना हुआ है और भवन के आगे एक छोटा सा किचन शेड है, जिसके सहारे पूरे विद्यालय की व्यवस्था चल रही है. अलग कार्यालय कक्ष और पर्याप्त वर्ग कक्ष के अभाव में शिक्षा का माहौल बिगड़ रहा है.
सूख गया एकमात्र चापाकल, गहराया पेयजल संकट
इन दिनों विद्यालय परिसर का एकमात्र चापाकल पूरी तरह सूख गया है. इस वजह से भयंकर पेयजल संकट खड़ा हो गया है. पानी नहीं होने के कारण मध्याह्न भोजन बनाने में रसोइया को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. बच्चों को तो आसपास के घरों से पीने का पानी मिल जाता है, लेकिन शिक्षकों और रसोइया को पानी के लिए बाहर भटकना पड़ता है.
क्या कहती हैं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका?
विद्यालय की एचएम अनीता देवी ने बताया कि स्कूल में कुल 104 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से अमूमन 60 से 80 बच्चे उपस्थित रहते हैं. बुधवार को 63 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई. विद्यालय में एचएम सहित सात शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें से एक शिक्षक जनगणना कार्य में लगे हैं. समरसेबल पंप नहीं होने और जगह की कमी के कारण पठन-पाठन पर काफी बुरा असर पड़ रहा है.
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