Darbhanga News: हनुमाननगर प्रखंड में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 385.45 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का विरोध तेज हो गया है. रविवार को सिनुआरा गांव में नौ गांवों के किसानों ने महापंचायत कर सरकार के फैसले का विरोध जताया और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की. किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर अधिग्रहण के लिए नहीं देंगे.
महापंचायत में सिनुआरा, थलवारा, शोभेपट्टी, हिन्छौल, अम्माडीह, तरालाही, अहिला, ओझौल और डीहलाही गांवों के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए. सभी ने एक स्वर में कहा कि भूमि अधिग्रहण होने पर सैकड़ों किसान भूमिहीन हो जाएंगे और उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा.
पहले भी कई परियोजनाओं के लिए जा चुकी है जमीन
किसानों ने आरोप लगाया कि जिन मौजों में अब औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, उन्हीं क्षेत्रों की जमीन पहले केंद्र सरकार की आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए ली जा चुकी है. इसके अलावा कई पावर ग्रिड लाइनें भी इन्हीं खेतों से होकर गुजर रही हैं. अब प्रस्तावित दरभंगा-मुजफ्फरपुर रेल लाइन के लिए भी इन्हीं किसानों की बची हुई जमीन अधिग्रहित किए जाने की संभावना है.
डीएम को सौंप चुके हैं ज्ञापन
किसानों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उनके प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही जिलाधिकारी से मुलाकात कर स्मार-पत्र सौंपा है. ज्ञापन के माध्यम से उपजाऊ कृषि भूमि को भू-अधिग्रहण से मुक्त करने की मांग की गई है. किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
महापंचायत में कई किसान नेता रहे मौजूद
महापंचायत में लक्ष्मेश्वर प्रसाद सिंह, राजधेश्याम सिंह, शंकर सिंह, संजय सिंह, तरुण प्रसाद सिंह, रत्नेश्वर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे. सभी ने एकजुट होकर किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया.
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