Darbhanga News: हायाघाट क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की खेती प्रभावित होने लगी है. लगातार वर्षा नहीं होने के कारण धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है. जिन किसानों का बिचड़ा तैयार है, वे बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जबकि जिनके पास बिचड़ा नहीं है, उन्होंने अब सीधी बोआई की तैयारी शुरू कर दी है.
वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं अधिकांश किसान
क्षेत्र में जिन किसानों के पास बोरिंग की सुविधा है, वे सिंचाई कर धान की रोपनी कर रहे हैं. हालांकि, ऐसे किसानों की संख्या कम है. अधिकांश किसान अब भी वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं, जिससे बारिश नहीं होने का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है.
कृषि विभाग ने दी सीधी बोआई अपनाने की सलाह
कृषि समन्वयक सह फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर जगदानंद झा ने किसानों से अब धान का बिचड़ा तैयार नहीं करने और सीधे खेतों में सीधी बोआई करने की सलाह दी है.
उन्होंने बताया कि सीधी बोआई किसानों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो रही है. इस विधि में प्रति एकड़ छह किलोग्राम बीज का उपयोग करना चाहिए. साथ ही, खर-पतवार नियंत्रण के लिए बोआई के 48 घंटे के भीतर उपयुक्त दवा का छिड़काव करना आवश्यक है.
खेत खाली नहीं छोड़ना चाहते किसान
बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए कई किसान अब विकल्प के तौर पर सीधी बोआई अपना रहे हैं, ताकि समय पर वर्षा नहीं होने की स्थिति में खेत खाली न रह जाएं और खेती का कार्य प्रभावित न हो.
