Darbhanga News: राष्ट्रीय आइएपी सीपीआर दिवस के अवसर पर भारतीय शिशु अकादमी (IAP) की ओर से सोमवार को ‘संजीवनी: CPR मास अवेयरनेस प्रोग्राम’ आयोजित किया गया. अभियान के तहत शहर के छह प्रमुख संस्थानों में करीब एक हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों, चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा आम नागरिकों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
छह केंद्रों पर आयोजित हुआ प्रशिक्षण
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:30 बजे जीसस सेंट मैरी एकेडमी से हुई. इसके बाद वुडवाइन मॉडर्न स्कूल, माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल, दरभंगा मेडिकल कॉलेज, आरबी मेमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग तथा राजगोपाल हेल्थ केयर सेंटर, लहेरियासराय में अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए. प्रत्येक केंद्र पर प्रतिभागियों को हृदयगति रुकने की स्थिति में तुरंत किए जाने वाले प्राथमिक उपायों की जानकारी दी गई.
विशेषज्ञों ने सिखाई जीवनरक्षक तकनीक
मुख्य प्रशिक्षक डॉ. ओम प्रकाश और डॉ. रणधीर कुमार मिश्रा ने बताया कि सीपीआर एक ऐसी जीवनरक्षक तकनीक है, जिसे सामान्य नागरिक भी थोड़े प्रशिक्षण के बाद सीख सकते हैं. उन्होंने बताया कि सही समय पर दिया गया सीपीआर मस्तिष्क और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त संचार बनाए रखने में मदद करता है, जिससे मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है.
मैनिकिन पर कराया गया व्यावहारिक अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान वीडियो प्रस्तुति, विशेषज्ञों द्वारा प्रत्यक्ष प्रदर्शन तथा मैनिकिन पर छाती दबाने का अभ्यास कराया गया. प्रतिभागियों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए, सांस नहीं ले रहा हो या सामान्य प्रतिक्रिया न दे रहा हो, तो तुरंत एंबुलेंस को सूचना देकर सीपीआर शुरू करना चाहिए. कार्यक्रम में सह-प्रशिक्षकों के रूप में डॉ. कामोद झा, डॉ. विवेकानंद पॉल, डॉ. अमरेश कुमार साहू, डॉ. अरविंद झा, डॉ. अरविंद कुमार यादव, डॉ. कुमार आनंद, डॉ. पल्लवी, डॉ. शादाब आलम और डॉ. रिजवान हैदर ने सक्रिय भूमिका निभाई.
