Bihar Weather: सावन का महीना शुरू होने वाला है, लेकिन मौसम का मिजाज किसानों की उम्मीदों के बिल्कुल उलट है. बारिश की जगह तेज धूप और उमस ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. सदर प्रखंड के कई गांवों में धान की रोपनी के बाद खेतों में पानी नहीं टिक पा रहा है. लगातार पड़ रही धूप से खेतों की नमी खत्म हो रही है, जिससे धान के पौधे पीले पड़कर मुरझाने लगे हैं. कई जगहों पर खेतों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं.
धूप से झुलस रहे धान के पौधे
लगातार बारिश नहीं होने से धान की फसल पर संकट गहराता जा रहा है. किसानों का कहना है कि इस बार मानसून की बेरुखी ने खेती का पूरा गणित बिगाड़ दिया है. जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक रोपनी हुई थी, वहां अब पानी की कमी साफ नजर आ रही है. तेज धूप के कारण धान के पौधे सूखने और झुलसने लगे हैं.
सिंचाई पर बढ़ा खर्च, किसान परेशान
बारिश नहीं होने से किसानों को डीजल पंप और निजी बोरिंग के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है. इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. छोटे और सीमांत किसानों के लिए बार-बार सिंचाई कराना आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है. कई किसानों का कहना है कि महंगे डीजल और सिंचाई के खर्च ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है.
अच्छी बारिश नहीं हुई तो होगा भारी नुकसान
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है. इससे उत्पादन में गिरावट आएगी और किसानों की आय भी प्रभावित होगी. जिन किसानों के पास सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं, उनकी फसल सबसे ज्यादा संकट में है.
किसानों ने प्रशासन से की मांग
किसानों ने प्रशासन से सूखे जैसी स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर राहत के साथ वैकल्पिक सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. फिलहाल सदर प्रखंड के किसान अच्छी बारिश की आस लगाए आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं.
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