दरभंगा: DMCH में हिमोफिलिया मरीजों के लिए जरूरी जीवन रक्षक दवा फैक्टर-8 का स्टॉक काफी कम हो गया है. अस्पताल में वर्तमान में महज 60 वायल फैक्टर-8 शेष है, जबकि सामान्य दिनों में सप्ताह में 100 से अधिक वायल की आपूर्ति और खपत होती है. ऐसे में समय पर दवा की नई खेप नहीं पहुंची, तो आने वाले दिनों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
दो-तीन दिन तक ही दवा उपलब्ध होने की संभावना
जानकारी के अनुसार DMCH में भर्ती एवं इलाजरत हिमोफिलिया मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार फैक्टर-8 उपलब्ध कराया जाता है. वर्तमान स्टॉक से मरीजों को महज दो से तीन दिनों तक ही दवा उपलब्ध करायी जा सकती है. इसके बाद नई खेप नहीं पहुंचने पर अस्पताल प्रशासन के सामने मरीजों को दवा उपलब्ध कराने की चुनौती उत्पन्न हो सकती है.
रक्तस्राव रोकने में महत्वपूर्ण है फैक्टर-8
हिमोफिलिया मरीजों के लिए फैक्टर-8 बेहद महत्वपूर्ण जीवन रक्षक दवा है. इस बीमारी से पीड़ित मरीजों में रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं होती. ऐसे में चोट लगने या शरीर के अंदर रक्तस्राव होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है.
रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए कई मरीजों को तत्काल फैक्टर-8 की जरूरत पड़ती है. इसलिए इस दवा की नियमित उपलब्धता बेहद जरूरी मानी जाती है.
सप्ताह में 100 से अधिक वायल की होती है खपत
अस्पताल सूत्रों के अनुसार सामान्य तौर पर DMCH में सप्ताह में 100 से अधिक वायल फैक्टर-8 की जरूरत पड़ती है. मरीजों की संख्या और उनकी स्थिति के अनुसार दवा की खपत कम या अधिक हो सकती है.
गंभीर स्थिति वाले मरीजों को एक साथ अधिक मात्रा में फैक्टर-8 की आवश्यकता पड़ने से स्टॉक तेजी से समाप्त होने की आशंका रहती है.
शीघ्र आपूर्ति नहीं हुई तो बढ़ सकती है परेशानी
बताया जा रहा है कि नई खेप की आपूर्ति नहीं होने के कारण अस्पताल में फैक्टर-8 का स्टॉक लगातार घटता गया है. यदि शीघ्र पर्याप्त मात्रा में दवा की आपूर्ति नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हिमोफिलिया मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ सकती है.
मरीजों के हित को देखते हुए अस्पताल में फैक्टर-8 की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी भी मरीज का इलाज दवा के अभाव में प्रभावित नहीं हो.
