Darbhanga News: सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को लेकर सख्त रुख अपनाया है. डीईओ विद्यानंद ठाकुर ने निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि शिक्षकों को अब गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से बचना होगा. विशेष परिस्थिति को छोड़कर प्रखंड और अंचल कार्यालयों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर रोक रहेगी.
स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना उद्देश्य
शिक्षा विभाग के इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाना है. विभाग का मानना है कि शिक्षकों को विद्यालय से बाहर गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से कक्षा शिक्षण प्रभावित होता है.
नये निर्देश के बाद प्रखंड एवं अंचल स्तर के कार्यालयों में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की सूची तैयार किये जाने की संभावना है. सूची की समीक्षा के बाद ऐसे शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय में वापस भेजा जा सकता है.
गैर-शैक्षणिक कार्यों में प्रतिनियुक्ति पर विभाग की नजर
शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है. इससे विद्यार्थियों को पर्याप्त शैक्षणिक समय मिल सकेगा और कक्षाओं का संचालन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा.
विभाग ने संकेत दिया है कि शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति और उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने की व्यवस्था पर आगे भी निगरानी रखी जाएगी. विशेष परिस्थिति में ही शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की अनुमति दी जाएगी.
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