Darbhanga News:मुजफ्फरपुर की विश्वप्रसिद्ध जीआई (GI) टैग प्राप्त शाही लीची अब देश के बड़े महानगरों के बाजारों में अपनी मिठास बिखेरने के लिए तैयार है. दरभंगा हवाई अड्डे से कार्गो सेवा के जरिए शाही लीची की पहली बड़ी खेप रवाना की गई है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की है. बताया गया है कि स्पाइसजेट की नियमित उड़ान सेवा के माध्यम से करीब 200 किलोग्राम शाही लीची को दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के लिए भेजा गया है.
किसानों और व्यापारियों को मिलेगा सीधा लाभ, कम समय में पहुंचेगी ताजा लीची
शाही लीची को राष्ट्रीय बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में इसे बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है. हवाई मार्ग से लीची भेजे जाने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बेहद कम समय में ताजे फल महानगरों के उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे. इससे लीची की गुणवत्ता और उसका स्वाद बरकरार रहेगा. एएआई के अनुसार, दरभंगा एयरपोर्ट अब केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से उत्तर बिहार के एक उभरते कार्गो केंद्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. इस सेवा से स्थानीय किसानों और फल व्यापारियों को अपनी फसल का सीधा और सही मूल्य मिल सकेगा.
कृषि और व्यापार क्षेत्र के लिए खुलेंगे प्रगति के नए द्वार
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यदि यहां से नियमित कार्गो सेवा का विस्तार होता है, तो मिथिला क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध कृषि उत्पादों (जैसे मखाना, आम आदि) को भी देश-विदेश के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा. इससे किसानों की आय दोगुनी होगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी. गौरतलब है कि 8 नवंबर 2020 को दरभंगा से घरेलू उड़ान सेवा की शुरुआत हुई थी. वर्तमान में यहां से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और हैदराबाद के लिए सीधी विमान सेवा संचालित हो रही है, जिससे रोजाना लगभग 2800 यात्री सफर करते हैं. अब कार्गो सेवा शुरू होने से उत्तर बिहार के विकास को एक नई विंग्स मिल गई है.
दरभंगा से अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
