दरभंगा सदर से अशोक झा की रिपोर्ट
Darbhanga News: सदर प्रखंड की शिशो पश्चिमी पंचायत में नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन के उद्घाटन से पहले शिलापट्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.उनका कहना है कि शिलापट्ट पर कुछ चुनिंदा निर्वाचित प्रतिनिधियों के नाम तो शामिल किए गए हैं, लेकिन अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों की पूरी तरह अनदेखी की गई है.
एक को मिला सम्मान, दूसरे का नाम गायब: प्रिया सिंह
पंचायत समिति सदस्या प्रिया सिंह एवं सरपंच मतलूब अहमद खान ने इस व्यवस्था पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है.उन्होंने कहा कि वे पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, इसके बावजूद उनका नाम शिलापट्ट पर अंकित नहीं किया गया.उनका सीधा आरोप है कि मुखिया, प्रमुख, सांसद और विधायक के साथ क्षेत्र के एक पंचायत समिति सदस्य का नाम तो जोड़ा गया है, लेकिन दूसरे सदस्य का नाम जानबूझकर छोड़ दिया गया.यह साफ तौर पर भेदभावपूर्ण रवैया और राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाता है.
जांच कर कार्रवाई करने की मांग, डीपीआरओ ने दिया आश्वासन
नाराज जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि यदि पंचायत समिति के एक सदस्य का नाम शिलापट्ट पर दर्ज किया गया है, तो नियमतः सभी संबंधित निर्वाचित प्रतिनिधियों का नाम इसमें शामिल होना चाहिए था.उन्होंने इस पूरे मामले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.इस संबंध में पूछे जाने पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) पवन कुमार ने कहा कि यह मामला पहले उनके संज्ञान में नहीं था.मीडिया के माध्यम से उन्हें इसकी जानकारी मिली है.उन्होंने आश्वासन दिया कि शिलापट्ट पर नाम अंकित करने संबंधी सरकारी दिशा-निर्देशों की जांच की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई होगी.
